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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्टेट बैंक ने डाला महंगे कर्ज का बोझ

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Published: Wed, 06 Nov 2013 10:34 AM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। खाने-पीने की चीजों के साथ आम आदमी पर महंगे कर्ज का बोझ भी बढ़ता जा रहा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। खाने-पीने की चीजों के साथ आम आदमी पर महंगे कर्ज का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। खास तौर पर होम लोन लेने वाले ग्राहकों पर मासिक किस्त बढ़ने का नया सिलसिला शुरू हो गया है। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने बेस रेट व प्रमुख उधारी दर (बीपीएलआर) में 0.20 फीसद की वृद्धि कर नए व पुराने ग्राहकों पर बोझ डाल दिया है। एसबीआइ ने बेस रेट 9.80 से बढ़ाकर 10 फीसद कर दिया है। निजी क्षेत्र के दो दिग्गज बैंक पहले ही कर्ज महंगा कर चुके हैं। माना जा रहा है कि कुछ अन्य बैंक भी जल्द ही कर्ज की दरें बढ़ाने का एलान कर सकते हैं।

ये हैं होम लोन पर टैक्स बचाने के तरीके

रिजर्व बैंक की तरफ से दो महीने में दो बार ब्याज दरें बढ़ाने के बाद कर्ज महंगा होने के कयास लगाए जा रहे थे। बेस रेट (कर्ज की न्यूनतम ब्याज दर) बढ़ने की वजह से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) से होम, ऑटो लोन व अन्य तमाम प्रकार के कर्ज महंगे हो जाएंगे। हालांकि त्योहारी सीजन में लागू की गई स्कीमों की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही बीपीएलआर (पुराने ग्राहकों पर लागू) को भी बैंक ने 14.55 से बढ़ाकर 14.75 फीसद कर दिया है। इससे बैंक के पुराने ग्राहकों पर बोझ पड़ेगा। मसलन, होम लोन पर उनकी मासिक किस्त बढ़ जाएगी।

एसबीआइ ने सितंबर में भी बेस रेट और प्रमुख उधारी दर को बढ़ाया था। जाहिर है क सामान्य महंगाई से त्रस्त आम जनता को अब यह बोझ भी ढोना पड़ेगा।

एसबीआइ से पहले निजी क्षेत्र के आइसीआइसीआइ और एचडीएफसी बैंक कर्ज को महंगा कर चुके हैं। एचडीएफसी बैंक ने पिछले हफ्ते अपने बेस रेट को 0.20 फीसद बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया था। इसके अलावा आइसीआइसीआइ ने भी बीपीएलआर 15.50 से बढ़ाकर 15.75 फीसद किया है। इसके बाद होम लोन के पुराने ग्राहकों की मासिक किस्त बढ़ाने या कर्ज की अवधि बढ़ाने की सूचना भी भेज दी गई।