यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सीएनजी, पीएनजी पर नहीं होगा गैस कीमत वृद्धि का असर
अगर अभी तक आपका बैंक खाता नहीं खुला है तो जल्द खुलवा लें। सरकार 15 नवंबर से रसोई गैस की ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गैस कीमत में बढ़ोतरी के बावजूद सीएनजी और पीएनजी की कीमतों पर असर नहीं पड़ेगा। पेट्रोलियम मंत्रलय की तरफ से सीएनजी और पीएनजी आपूर्ति करने वाली सरकारी कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आइजीएल) को कहा गया है कि वह इस वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाले।
पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने पदभार संभालने के बाद से ही गैस कीमत में बढ़ोतरी के पूर्ववर्ती सरकार के फैसले का विरोध किया था। बताया जा रहा है कि उनकी कोशिशों की वजह से ही सरकार ने मौजूदा गैस की कीमत में सिर्फ 1.41 डॉलर का इजाफा किया है जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने इसे दोगुना (4.2 डॉलर से 8.4 डॉलर) करने का फैसला किया था।
आइजीएल के मुताबिक नई गैस कीमत से दिल्ली में पीएनजी में 2.60 रुपये प्रति किलो और सीएनजी में 4.25 रुपये प्रति किलो की वृद्धि की जरूरत पड़ेगी लेकिन कंपनी आंतरिक स्त्रोतों से इसकी भरपाई की कोशिश करेगी। अलबत्ता घरेलू गैस महंगी हो जाने से गैस आधारित बिजली संयंत्रों से मिलने वाली बिजली की दर में 90 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की संभावना है। साथ ही गैस आधारित उर्वरक संयंत्रों में बनने वाली खाद के भी ढाई रुपये प्रति किलो की वृद्धि हो सकती है। यही नहीं देश की सबसे बड़ी गैस फील्ड केजी बेसिन (डी-1 और डी-3) चलाने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को अभी बढ़ी हुई कीमत नहीं मिलेगी।
ग्राहकों से बढ़ी हुई कीमत वसूली जाएगी और इसे एक अलग खाते में डाला जाएगा। चूंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है इसलिए सरकार ने कहा है कि कंपनी को कानूनी जीत मिलने के बाद बढ़ी हुई कीमत मिलेगी। तेल कंपनियां अब हर छह महीने पर कीमत तय करेंगी।
