यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फेसबुक ने कहा भारत के ई-कॉमर्स मार्केट के लिए बेहतर है नोटबंदी का कदम
भारत सरकार की तरफ से लिया गया नोटबंदी का फैसला भारत के ई-कॉमर्स मार्केट के लिहाज से कैश ऑन डिलीवरी ...और पढ़ें

नई दिल्ली: भारत सरकार की तरफ से लिया गया नोटबंदी का फैसला भारत के ई-कॉमर्स मार्केट के लिहाज से कैश ऑन डिलीवरी जैसे प्रमुख अड़चनों से निजात पाने की दिशा में एक बेहतर कदम है। यह बात भारत में फेसबुक के प्रबंध निदेशक उमंग बेदी ने कही। गौरतलब है कि 8 नवंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट पर बैन लगाने की घोषणा कर दी थी।
बेदी ने एक कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में कैश ऑन डिलीवरी जैसी प्रमुख अड़चनों से निजात पाने की दिशा में नोटबंदी एक बेहतर प्रयास है। छोटी अवधि की प्राप्ति के नजरिए से देखें तो बाजार में नकदी की कमी है, लोग अपनी करेंसी बदलवाने के लिए लाइन में लगे हैं, यह पारदर्शी और कानून के अनुरूप है। ऐसे में उम्मीद है कि रिटेलिंग और ई-कॉमर्स में थोड़ी गिरावट आए लेकिन यह एक छोटी अवधि की ही दिक्कत है, लेकिन यह दूसरे मायनों में वाकई बेहतर है।”
बेदी ने कहा, “क्या नोटबंदी सही कदम है? बिल्कुल, निजीतौर पर मेरी राय में, मेरे हिसाब से लंबी अवधि में यह डिजिटल होने जा रहा है, जो कि मांग, पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और वाणिज्य को बड़े पैमाने पर संचालित करेगा।” उन्होंने कहा कि चाईनीज ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा एक दिन में 20 बिलियन डॉलर की बिक्री कर लेता है जबकि भारत में स्नैपडील, फ्लिपकार्ट और अमेजन सिर्फ 4 बिलियन डॉलर की बिक्री ही कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे यहां 60 फीसदी कैश ऑन डिलीवरी सर्विस के जरिए बिक्री की जाती है, यही इसके संचालन में प्रमुख अड़चन है।
