यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक लाख ग्राहकों के खाते में पहुंची एलपीजी सब्सिडी
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। एलपीजी ग्राहकों के बैंक खाते में सीधे सब्सिडी डालने की स्कीम की शुरुआत के पहले तीन ...और पढ़ें

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। एलपीजी ग्राहकों के बैंक खाते में सीधे सब्सिडी डालने की स्कीम की शुरुआत के पहले तीन दिन के भीतर ही एक लाख लोगों के खाते में पैसे जमा हो गए हैं। यह स्कीम एक जून से लागू हुई है और पहले तीन कार्य दिवस के दौरान 1.145 लाख ग्राहकों के बैंक खाते में कुल 4.95 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। हर ग्राहक को प्रति सिलेंडर 435 रुपये की सब्सिडी दी गई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर [डीबीटी] के तहत रोजाना 30 हजार ग्राहकों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जा रही है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि स्कीम पूरी तरह से सफल है। सिर्फ 0.5 फीसद मामलों में ही छोटी-मोटी गड़बड़ियां पाई गई हैं। अभी यह स्कीम सिर्फ 18 जिलों में ही लागू की गई है। यह स्थिति तब है जब इन जिलों के सभी ग्राहकों के बैंक खातों को आधार कार्ड और एलपीजी ग्राहक संख्या के साथ नहीं जोड़ा गया है। बहरहाल, बैंक, तेल कंपनियां और आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसियां संयुक्त तौर पर सभी एलपीजी ग्राहकों के बैंक खाते खुलवाने, उनका आधार कार्ड बनवाने और सभी को आपस में जोड़ने का काम तेजी से कर रही हैं।
इन जिलों में एलपीजी ग्राहकों की संख्या के हिसाब से जून, 2013 में 40 करोड़ रुपये की सब्सिडी ग्राहकों के बैंक खाते में डाली जाएगी। ग्राहक जैसे ही सिलेंडर की बुकिंग करते हैं उनके बैंक खाते में सब्सिडी की राशि पहुंच जा रही है। इसलिए ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय न सिर्फ इस स्कीम की पूरी निगरानी कर रहा है, बल्कि इसकी सफलता का पूरा श्रेय लेने की कोशिश भी कर रहा है। यही वजह है कि स्कीम के बारे में गुरुवार को सूचना पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से नहीं बल्कि पीएमओ की तरफ से दी गई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि पहले हफ्ते की रिपोर्ट से साफ है कि यह स्कीम बड़े पैमाने पर सफलतापूर्वक लागू की जा सकती है। सरकार इसे अगले कुछ हफ्तों में देश के 72 अन्य जिलों में लागू करने जा रही है। जिन जिलों में एलपीजी ग्राहकों के आधार कार्ड बनने और उन्हें बैंक खाते से जोड़ने की प्रक्रिया धीमी है, सरकार उन जिलों में भी अब इस स्कीम को लागू करने का मन बना चुकी है। माना जा रहा है कि एक बार स्कीम लागू होने के बाद लोग स्वयं दौड़-भाग कर जरूरी बैंक खाता आदि का काम करवा लेंगे। जिन जिलों में यह स्कीम अभी लागू हुई है वहां सिर्फ तीन दिनों में बैंक खाता खोलने और एलपीजी ग्राहक नंबर से संबंद्ध करने के काम में दोगुना इजाफा हुआ है।
