साहित्यिक कृतियां

कहानी: यह प्रेम वह प्रेम

Posted on:Mon, 27 Mar 2017 04:44 PM (IST)
        

मॉल की बाजारू चमक-दमक वाला प्रेम बहुत ही फीका लगा, उस अनपढ़, गंवार और मेहनतकश औरत द्वारा परिभाषित प्रेम के मुकाबले... और पढ़ें »

सत्य का ज्ञान

Posted on:Thu, 21 Jul 2016 11:44 AM (IST)
        

जाबाल के पुत्र सत्यकाम गुरुकुल में रहकर ब्रह्म के सत्य के बारे में जानना चाहते थे। मां जाबाल की आज्ञा लेकर वे गौतम ऋषि के आश्रम चले आए।और पढ़ें »

ताने से बुना जीवन

Posted on:Tue, 16 Dec 2014 03:08 PM (IST)
        

मैं एक साधारण किसान का बेटा हूं। मेरे पिता को उनके परिवार ने पांच बेटियों का बाप होने के कारण बहुत पहले ही परिवार से अलग कर दिया था। यह घटना उस समय क... और पढ़ें »

लेख से प्रभावित होकर समाज सेवक बनने का लिया संकल्प...

Posted on:Mon, 08 Dec 2014 12:22 PM (IST)
        

मेरे पिता जी गांव में एक छोटे से किसान हैं। शिक्षा के क्षेत्र में मेरा गांव बहुत पिछड़ा है। सीमित संसाधनों से मैंने रसायन विज्ञान में परास्नातक की डि... और पढ़ें »

कूड़ा बीनने वाली एक लड़की से मिला सबक

Posted on:Mon, 08 Dec 2014 11:34 AM (IST)
        

बात उस समय की है, जब मैं नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। मेरा घर मेरे स्कूल से कुछ ही दूरी पर था। मैं अपनी कक्षा में पढ़ने में बहुत होशियार थी, पर मेरे अंद... और पढ़ें »

आशा की राह पर चलकर संवरा जीवन

Posted on:Mon, 17 Nov 2014 11:24 AM (IST)
        

बात तब की है, जब मैं हाईस्कूल में था। मैं पढ़ने में बहुत कमजोर था। मेरे पिता अधिक पढ़े-लिखे न थे। साधारण व्यवसाय कर घर का खर्च चलाते थे। हम कुल पांच ... और पढ़ें »

शिशु की भूख मिटा कर युवक ने जानी दूध की कीमत

Posted on:Mon, 10 Nov 2014 11:13 AM (IST)
        

यह कहानी तब की है, जब मैं 12वीं कक्षा में था। छुट्टी होने के बाद मैं घर वापस लौटने के लिए शहर के निकट बस स्टैंड की तरफ चला आ रहा था कि रास्ते में मैं... और पढ़ें »

एक कप चाय

Posted on:Mon, 13 Oct 2014 11:47 AM (IST)
        

बात लगभग 28-30 वर्ष पुरानी है। मेरे पापा एक कंपनी में मशीनिस्ट का काम करते थे। यूनियन की वजह से उनका काम छूट गया। घर के हालात ऐसे हो गए कि पापा कपड़... और पढ़ें »

बेचैन करती कहानियां

Posted on:Wed, 17 Sep 2014 02:38 PM (IST)
        

अनु सिंह चौधरी की बचपन में लिखी पहली कहानी अस्वीकृत हो गई थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वे स्कूल और कॉलेज की पत्रिकाओं के लिए लगातार लिखती रहीं। वे... और पढ़ें »

लगन से मिला लक्ष्य

Posted on:Tue, 16 Sep 2014 02:18 PM (IST)
        

लोगों के ताने सुनकर भी एक युवक ने किया पुलिस में जाने का सपना साकार.. गांव का एक युवक था। मेरा बचपन से ही पुलिस में भर्ती होने का ख्वाब था। बचपन तो गा... और पढ़ें »

चांद छूना है मुझे..

Posted on:Wed, 10 Sep 2014 11:41 AM (IST)
        

फº है इन लड़कियों पर अरविंद रंजन महानिदेशक, सीआईएसएफ इससे अच्छी बात क्या हो सकती है कि अब भारत के छोटे-छोटे गांवों-शहरों से लड़कियां फोर्स में आ रही ह... और पढ़ें »

मेहनत का फल

Posted on:Tue, 09 Sep 2014 01:34 PM (IST)
        

टीचर की तीखी बातें सुनकर पढ़ाई में कमजोर एक लड़की ने खूब मेहनत की और अब खुद टीचर बनकर पढ़ाती है कमजोर बच्चों को.. 15 वर्ष पहले की बात है। तब मैं 8वीं क... और पढ़ें »

कलम का सहारा

Posted on:Wed, 27 Aug 2014 04:26 PM (IST)
        

पिता द्वारा दी गई एक कलम के सहारे एक युवक ने संवार दी अपने बेसहारा हुए परिवार की जिंदगी.. हमारे पास खेती करने के लिए जमीन नहीं है, इसलिए पिताजी दमन मे... और पढ़ें »

'सिम्मी' के जज्बे को सलाम

Posted on:Mon, 25 Aug 2014 12:53 PM (IST)
        

बचपन से खेलों में अव्वल आना बलविंदर कौर का जुनून था। यही कारण था कि दसवीं कक्षा तक वह 'हॉकी', 'खो-खो', 'लांगजंप', 'हाईजंप', 'कबड्डी' में नेशनल तक खेल ... और पढ़ें »

शब्दों के तीर

Posted on:Sat, 16 Aug 2014 03:49 PM (IST)
        

आगे पढने की इच्छा जताने पर रूढि़वादी पति के कसे गए ताने से एक महिला का जागरण हुआ और उसने अपनी जिंदगी को दे दी एक खूबसूरत शक्ल.. बात 1976 की है। मेरी श... और पढ़ें »

पेड़ लगाने का प्रण

Posted on:Sat, 16 Aug 2014 02:11 PM (IST)
        

घर के सामने लगे एक पेड़ को कटने से बचाने वाले एक व्यक्ति ने नीम के पेड़ लगाने का ले लिया संकल्प.. मैं करीब 35 वर्ष से लखनऊ में रहता हूं। मेरा पैतृक निवा... और पढ़ें »

बोझ नहीं है 'बुजुर्ग'

Posted on:Tue, 05 Aug 2014 01:31 PM (IST)
        

वृद्ध मां के प्रति अपने दायित्वों को बोझ समझने वाला एक युवक जब अपने मित्र के घर गया, तब उसे समझ में आया कि वह कितना गलत था.. यह उस समय की बात है, जब ... और पढ़ें »

मुसाफिर हूं यारों

Posted on:Mon, 16 Jun 2014 12:11 PM (IST)
        

गजब का आत्मविश्वास और लेखन बेहद रोचक। ये हैं नीलोफर वेंकटरमन, जो कहानियों के माध्यम से पाठकों को भारत की खूबसूरत जगहों की सैर करने के लिए उकसाती हैं। ... और पढ़ें »

बस हो गई पढ़ाई

Posted on:Mon, 09 Jun 2014 11:51 AM (IST)
        

बात इंटर के छमाही इम्तिहानों की है। मेरी प्रिय शिक्षिका मिसेज द्विवेदी ने उत्तरपुस्तिका लगभग मेरी ओर फेंकते हुए कहा, 'बस हो गई तुम्हारी पढ़ाई। छोड़ दो,... और पढ़ें »

आसां को मुश्किल बना लिया

Posted on:Mon, 02 Jun 2014 12:58 PM (IST)
        

(मिसाल कुमार)। किस्मत से लड़ते-लड़ते, आखिर यहां तक आ ही गए, इस तकरार से ही तो हम जिंदगी जीना सीख गए। तुमसे-उससे कहां बखेड़ा, सारा बखेड़ा किस्मत का। माथे ... और पढ़ें »

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