साहित्य

लघुकथा: स्वाद की छलांग

Posted on:Mon, 20 Feb 2017 03:44 PM (IST)
        

एक कोने में बैठा नवविवाहित युगल समोसे देखकर खुश तो हुआ पर तभी पत्नी थोड़ा मुंह बिचकाती हुई बोली, ‘मैं तो समोसा नहीं खाने वाली! और पढ़ें »

कबीराना अंदाज की कविताए

Posted on:Mon, 20 Feb 2017 03:25 PM (IST)
        

यह प्रतिवाद उन्हें संघर्ष के संकल्प की ओर ले जाता है, तो कहीं हताशा और निराशा की ओर, फिर भी उनकी आस्था डगमगाती नहीं है। यह जनपक्षरता ही उनकी कविता की ... और पढ़ें »

पापा का कोट

Posted on:Mon, 20 Feb 2017 03:38 PM (IST)
        

मुझे वो खुद अब एक कोट की तरह दिखते हैंऔर पढ़ें »

आर यू इंडियन ला

Posted on:Mon, 20 Feb 2017 02:54 PM (IST)
        

अपने देश में भले ही अपने पड़ोसियों से कोई मतलब न रखते हों पर विदेश में जहां कोई अपने वतन का दिखता है, हम जरूर बात करते हैं।और पढ़ें »

संस्कार में मिला लेखन

Posted on:Sun, 19 Feb 2017 02:47 PM (IST)
        

हिंदी में हर विधा पर कलम चलाते हैं हरीश नवल। साहित्य के कई बड़े सम्मान और चर्चित किताबें दर्ज हैं इनके खाते में। व्यंग्य के इस वरिष्ठ हस्ताक्षर से लालज... और पढ़ें »

क्षमा मांगने की क्षमता

Posted on:Sun, 19 Feb 2017 03:11 PM (IST)
        

क्षमा का जादू किताब की समीक्षा- और पढ़ें »

सबसे बड़ा त्योहार

Posted on:Sun, 19 Feb 2017 02:21 PM (IST)
        

उस युवती ने रक्तदान कर अनजान युवक की बचाई जान। यह प्रयास उसके लिए बना जीवन का सबसे बड़ा त्योहार...और पढ़ें »

इंसानियत की रस्सी

Posted on:Sun, 19 Feb 2017 02:12 PM (IST)
        

अनजान जगह में फंसे व्यक्ति की जब ट्रक ड्राइवर ने सहायता की, तो उसको समझ में आया कि इंसानियत से बड़ी नहीं कोई दूसरी चीज... और पढ़ें »

नमक का कर्ज

Posted on:Sat, 18 Feb 2017 02:05 PM (IST)
        

कटोरे में हरे-हरे अंगूर। आहा! कितने मीठे होंगे। यह देखते ही बंटी खरगोश के मुंह में पानी आ गया। अंगूर ऊंची डाइनिंग टेबल पर रखे थे।और पढ़ें »

दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों का दस्तावेज है यह किताब

Posted on:Sat, 18 Feb 2017 02:19 PM (IST)
        

‘आसार-अल-सनादीद’ में एक व्यापक प्रस्तावना, उसके बाद चार अध्यायों में बंटे मुख्य पाठ के साथ नमूने के तौर पर 100 से अधिक चित्रांकन हैं। इतना ही नहीं, दि... और पढ़ें »

प्रणय दिवस पर: रूठना-हंसना बहाना था

Posted on:Fri, 17 Feb 2017 11:35 AM (IST)
        

तुम्हारे इश्क के दरिया में हमको डूब जाना था।।और पढ़ें »

लघुकथा: हैसियत

Posted on:Fri, 17 Feb 2017 11:11 AM (IST)
        

विनोद कुमार ने शॉलों और चद्दरों की क्वालिटी को देखते हुए कहा, ‘सत्यनारायण भाई इतनी हैवी नहीं कोई हल्की सी शॉल या चद्दर दिखलाइए।और पढ़ें »

पुरुष विमर्श की सार्थक पक्षधरता

Posted on:Fri, 17 Feb 2017 11:03 AM (IST)
        

प्रस्तुत उपन्यास में देवेन त्रिपाठी पर्यटन मंत्रालय के अधीन एक निकाय में प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत हैं। उसी ऑफिस में बॉस पूर्णिमा सूद के आने से अचानक ब... और पढ़ें »

कहानी: हार में मिली जीत

Posted on:Wed, 15 Feb 2017 02:44 PM (IST)
        

दौड़ में हमेशा जीत हासिल करने वाले युवा ने एक प्रतियोगी की जरूरत के लिए हारी प्रतियोगिता और हार में तलाशी जीत...और पढ़ें »

व्यंग्य: रमकल्लो की पाती

Posted on:Tue, 14 Feb 2017 12:27 PM (IST)
        

चुनाव आ गए हैं, जो कुछ मिल जाए वही बहुत है। आंधी के आम हैं, जितने बटोर पाओ सो बटोर लो, नहीं तो पांच साल के लिए गए। और पढ़ें »

कहानी: पहले तुम

Posted on:Mon, 13 Feb 2017 02:54 PM (IST)
        

उत्तर अवस्था में और अधिक गहराने लगते हैं दांपत्य के ताने-बाने। जाने कौन कब साथ छोड़ जाए, यही आशंका दहलाती रहती है। और पढ़ें »

लघुकथा: पेड़ की जड़ें

Posted on:Sat, 11 Feb 2017 08:59 AM (IST)
        

दादी ने कहा 'बेटा पेड़ों की जड़ों ने रोटी रखने से या पोंछ देने से पेड़ नहीं बढ़ते वो तो इतने शक्तिशाली होते है कि धरती से अपने आप पोषण ले लेते है हमें... और पढ़ें »

लघुकथा: एक बूंद इत्र की

Posted on:Thu, 09 Feb 2017 04:32 PM (IST)
        

अगले दिन बादशाह एक मटके में इत्र भरके बैठ गया। वजीर सहित सबकी नजरें बादशाह पर थी थोड़ी देर बाद जब बादशाह को लगा कि सभी दरबारी अपनी-अपनी चर्चा में व्यस... और पढ़ें »

लघुकथा: बात समर्पण की

Posted on:Wed, 08 Feb 2017 03:34 PM (IST)
        

गुरु ने कहा इसमें कोई भी सूत्र वाली बात नहीं है बस भरोसा करना होता है। श्रद्धा चाहिए। श्रद्धा से सब कुछ संभव है। इसके लिए उसका स्मरण ही पर्याप्त है जि... और पढ़ें »

लघुकथा: श्रमजीवी मां

Posted on:Tue, 07 Feb 2017 03:06 PM (IST)
        

इतनी उम्र में मोचीगिरी का कार्य, आखिर उनकी क्या मजबूरी हो सकती है? एक दिन इन्ही सवालों के साथ उनके पास पहुंच गया था। देखा कि तन्मयता के साथ जूते की सि... और पढ़ें »

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