साहित्य

श्यामली का परलोक गमन

Posted on:Mon, 03 Apr 2017 04:31 PM (IST)
        

नौकरानी सिर्फ सफाई करती है, खाना बनाती है और बस। इस काम की कीमत 'खाना-कपड़ा और पंद्रह हजार रुपए। जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, उन्हें आया चाहिए, सारे दिन... और पढ़ें »

पुस्तक चर्चा: विशिष्ट ग्राम्योन्मुखी रचनादृष्टि

Posted on:Mon, 03 Apr 2017 04:00 PM (IST)
        

गांव में तैनात शिक्षकों का आचरण किस प्रकार शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करता है, किस प्रकार से आज भी सशक्त प्रावधानों के बावजूद कई गांव बिजली के लिए तरस... और पढ़ें »

युवा प्रतिभा: स्मृति और यथार्थ की जुगलबंदी

Posted on:Mon, 03 Apr 2017 03:26 PM (IST)
        

हाल ही में युवा कथाकार अमित ओहलाण का आधार प्रकाशन पंचकूला से आया पहला ही उपन्यास 'मेरा यार मरजिया' इस बात की मिसाल है।और पढ़ें »

कहानी: परिवर्तन

Posted on:Sun, 02 Apr 2017 12:51 PM (IST)
        

मेरी कहानी मेरा जागरण के तहत भारी संख्या में मिली पाठकों की कहानियां उनके सच्चे अनुभव बयान करती हैं। इस सप्ताह संपादक मंडल द्वारा चुनी गई श्रेष्ठ कहान... और पढ़ें »

क्या कमाया है आपने

Posted on:Sun, 02 Apr 2017 01:57 PM (IST)
        

एंड्रयू कार्नेगी की कहानी देती है इस सवाल का हल कि ‘जीवन का आनंद क्या वास्तव में अकूत धन में ही है?और पढ़ें »

कहानी: एक लोटा पानी

Posted on:Sun, 02 Apr 2017 12:40 PM (IST)
        

मेरी कहानी मेरा जागरण के तहत भारी संख्या में मिली पाठकों की कहानियां उनके सच्चे अनुभव बयान करती हैं। इस सप्ताह संपादक मंडल द्वारा चुनी गई श्रेष्ठ कहान... और पढ़ें »

नवाब की नर्तकियां

Posted on:Sun, 02 Apr 2017 12:29 PM (IST)
        

हिंदी में अनूदित इस किताब में यह जाहिर है कि किशोरावस्था से ही वाजिद अली शाह ने तमाम नाचने-गाने वाली नर्तकियों को अलग अलग बेगमों के खिताब से नवाजा था।और पढ़ें »

लेखन के माध्यम से प्रतिरोध

Posted on:Sun, 02 Apr 2017 12:12 PM (IST)
        

हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए दामोदर खड़से ने न सिर्फ उपन्यास लेखन बल्कि मराठी से हिंदी में महत्वपूर्ण रचनाओं का अनुवाद भी किया है। स्मिता से हु... और पढ़ें »

व्यंग्य: सम्मान की सद्गति

Posted on:Mon, 27 Mar 2017 04:15 PM (IST)
        

मेरे खुद के सपने तो इस छोटी सी बिरादरी के चारों तरफ खिंची हुई श्रद्धा की प्राचीर में किसी तरह सेंध लगाकर घुस जाने की तिकड़मों से ही जुड़े हुए होते हैं।और पढ़ें »

लघुकथा: अपने हाथ

Posted on:Mon, 27 Mar 2017 03:22 PM (IST)
        

वृक्षों ने आतंकित मुद्रा में वयोवृद्ध वटवृक्ष से समवेत स्वर में अनुनय की, ‘दादा, दुश्मन मौत बनकर आ रहे हैं, बचा लो हमें।और पढ़ें »

कहानी: यह प्रेम वह प्रेम

Posted on:Mon, 27 Mar 2017 04:44 PM (IST)
        

मॉल की बाजारू चमक-दमक वाला प्रेम बहुत ही फीका लगा, उस अनपढ़, गंवार और मेहनतकश औरत द्वारा परिभाषित प्रेम के मुकाबले... और पढ़ें »

सशक्त स्त्री अस्मिता का आख्यान

Posted on:Mon, 27 Mar 2017 03:16 PM (IST)
        

लेखिका ने कहानी में इस पर्वतारोहण में आने वाली तकनीकी कठिनाइयों की बारीकी से तो पड़ताल की ही है, साथ ही नव नागा संप्रदाय के साधुओं के रहस्यमयी जीवन की ... और पढ़ें »

कविता: मौन-लीला

Posted on:Mon, 27 Mar 2017 03:11 PM (IST)
        

मौन की प्रासंगिकता रत्ती भर न हुई कम....और पढ़ें »

कोई अदृश्य शक्ति है जो करती है सबकी मदद

Posted on:Sat, 25 Mar 2017 02:43 PM (IST)
        

मैत्रेयी के लिए पुरस्कार कोई मायने नहीं रखता है, तभी तो गुरु समान राजेंद्र यादव और युवा लेखिकाओं की रचनाओं के बारे में भी वह अपनी बेबाक राय रखती हैं।और पढ़ें »

लघुकथा: गलत मार्ग का अंजाम

Posted on:Thu, 23 Mar 2017 01:00 PM (IST)
        

बहुत से पुरुष और स्त्री ऐसे है जो किन्ही कारणों से अपने जीवनसाथी के साथ धोखा देते है और अनैतिक राह पर चलते हैऔर पढ़ें »

अम्मा रहना जरा संभल के

Posted on:Tue, 21 Mar 2017 10:12 AM (IST)
        

फिर बहसों की भेंट चढ़ेगी घर की सारी खुशियांऔर पढ़ें »

लोक-संवेदना और जायसी का पद्मावत

Posted on:Mon, 20 Mar 2017 04:18 PM (IST)
        

अभी हाल ही में पद्मावती विषयक आख्यान के फिल्मीकरण को लेकर विवाद छिड़ा तो महाकवि जायसीकृत ‘पद्मावत’ भी चर्चा के केंद्र में आया। इस महाकाव्य में इतिहास औ... और पढ़ें »

पुस्तक चर्चा: अपनी मिट्टी से जुड़ी धारदार कहानियां

Posted on:Tue, 21 Mar 2017 10:24 AM (IST)
        

‘गर्दन तक कर्ज में डूबे किसान देवजी अपने पुत्र को टी.बी. से बचा नहीं पाते हैं। दूसरी ओर किसान सुकेश आत्महत्या कर लेता है और पढ़ें »

युवा प्रतिभा: वो दिल्ली वाली लड़की है

Posted on:Tue, 21 Mar 2017 10:16 AM (IST)
        

ना मानो कि मेरी आंखों के नीचे/एक पौध उग रहा है झुर्रियों काऔर पढ़ें »

कविता: अपने तरीके की लड़ाई

Posted on:Mon, 20 Mar 2017 04:12 PM (IST)
        

महल-दुमहले होंगे तुम्हारे पर जिस पर टिक सकें पांव इत्ती जमीन मेरी भी हैऔर पढ़ें »

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