साहित्य

साहस, श्रम पर विश्वास और निष्ठा मेरे संबल है

Posted on:Mon, 23 Mar 2015 12:04 PM (IST)
        

वंशी की कविताएं नागर अनुभूतियों का नया आयाम खोलती हैं, जिसमें निम्न और मध्यवर्ग की गहरी संवेदनाएं मौजूद हैं...और पढ़ें »

कुछ किताबें और

Posted on:Mon, 23 Mar 2015 11:23 AM (IST)
        

परिचित नवगीतकार रविशंकर पाण्डेय के काव्य संग्रह 'भूख के भूगोल' में शामिल नवगीत कथ्य, शिल्प और विषयवस्तु के लिहाज से सहज संप्रेषणीय हैं। समाज के हिंस्... और पढ़ें »

नवसंवत्सर के मेघ

Posted on:Mon, 23 Mar 2015 11:17 AM (IST)
        

नवसंवत्सर के मेघ तुम जाओ दूर किसी परदेस नहीं चाहिए हीरे का भी ओला ना अमृत की बूंद भी एक जगराते कर कर मझले नेऔर पढ़ें »

एक इंजीनियर की उसकी कविता के लिए जनून

Posted on:Tue, 20 Jan 2015 08:42 PM (IST)
        

कवि दिनेश गुप्ता की किताब ' कैसे चंद लफ्जों में सारा प्यार लिखूं मैं' की, जिसका विमोचन पिछले दिनों मुंबई प्रेस क्लब में किया गया। इस अवसर पर हमने दिने... और पढ़ें »

ताने से बुना जीवन

Posted on:Tue, 16 Dec 2014 03:08 PM (IST)
        

मैं एक साधारण किसान का बेटा हूं। मेरे पिता को उनके परिवार ने पांच बेटियों का बाप होने के कारण बहुत पहले ही परिवार से अलग कर दिया था। यह घटना उस समय क... और पढ़ें »

बेवाक कलम बिंदास बोस : गीताश्री

Posted on:Tue, 16 Dec 2014 01:17 PM (IST)
        

गीताश्री की कहानियों में अलग-अलग परिवेश की सशक्त स्त्रियां हैं, जो स्वच्छंद जीवन जीती हैं। दरअसल, उन्होंने खुद सामंती समाज की पाबंदियां झेली हैं, तभी... और पढ़ें »

स्वाध्याय का सबक

Posted on:Mon, 15 Dec 2014 04:26 PM (IST)
        

इंजीनियर बनने की राह में आ रहे तमाम गतिरोध और भ्रम उस समय दूर हो गए, जब एक युवक अपने बाबा से मिला... मैं जब बारहवीं कक्षा में पहुंचा तो परिवार के सभी... और पढ़ें »

किताबघर- आसान हुआ कंप्यूटर ज्ञान

Posted on:Mon, 15 Dec 2014 02:08 PM (IST)
        

कंप्यूटर को लेकर पचास से अधिक आयु के लोगों में दिलचस्पी कम ही नजर आती है। इनमें से हर किसी के लिए कंप्यूटर को समझने के लिए कोर्स करना भी मुमकिन नहीं।... और पढ़ें »

कार्यालय में राजनीति का क्या काम?

Posted on:Sat, 13 Dec 2014 01:04 PM (IST)
        

आपको याद होगा कि जब आपने नौकरी शुरू की थी, तब आपको ऐसा महसूस हुआ था कि यह मेरा ड्रीम प्लेस है और आपकी ऐसी ही कार्यालय में काम करने की ख्वाहिश थी। यहा... और पढ़ें »

लेख से प्रभावित होकर समाज सेवक बनने का लिया संकल्प...

Posted on:Mon, 08 Dec 2014 12:22 PM (IST)
        

मेरे पिता जी गांव में एक छोटे से किसान हैं। शिक्षा के क्षेत्र में मेरा गांव बहुत पिछड़ा है। सीमित संसाधनों से मैंने रसायन विज्ञान में परास्नातक की डि... और पढ़ें »

कूड़ा बीनने वाली एक लड़की से मिला सबक

Posted on:Mon, 08 Dec 2014 11:34 AM (IST)
        

बात उस समय की है, जब मैं नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। मेरा घर मेरे स्कूल से कुछ ही दूरी पर था। मैं अपनी कक्षा में पढ़ने में बहुत होशियार थी, पर मेरे अंद... और पढ़ें »

किताबघर- बुल्लेशाह का सूफिया दस्तावेज

Posted on:Mon, 08 Dec 2014 10:47 AM (IST)
        

काव्य की विभिन्न विधाओं में वक्त के साथ बदलाव आया लेकिन शायरी आज भी प्रासंगिक है। बात जब सूफियाना शायरी, बारहमाहों, सीहरफी, दोहों की चले तो जरूर याद ... और पढ़ें »

क्या असीमित है कविता का संसार?

Posted on:Mon, 08 Dec 2014 11:14 AM (IST)
        

साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार और भारतीय ज्ञानपीठ के युवा लेखन पुरस्कार से सम्मानित 29 वर्षीय कवि अरुणाभ सौरभ से वैद्यनाथ झा की बातचीत के अंश...और पढ़ें »

मन की खूबसूरती ज्यादा जरूरी है: कोयल

Posted on:Sat, 29 Nov 2014 11:41 AM (IST)
        

दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाली कोयल राना वर्ष 2008 में मिस टीन इंडिया, वर्ष 2009 में मिस यूनिवर्सल टीन और फेमिना मिस इंडिया दिल्ली का खिताब ज... और पढ़ें »

जो जमीन से जुड़ेगा, ऊंचा वही उड़ेगा

Posted on:Wed, 19 Nov 2014 01:19 PM (IST)
        

विभिन्न विधाओं में लेखन व कविता क रने वाले डॉ. नरेश कुमार विकल कई राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत होने के साथ ही साहित्य अकादमी के सलाहका... और पढ़ें »

किताबघर- रिश्तों का आईना

Posted on:Wed, 19 Nov 2014 12:30 PM (IST)
        

नि:संदेह कहानियां मानव जीवन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी होती हैं। जब अनुभव, छोटी-छोटी घटनाएं शब्दों में गुंथते हैं तो गढ़ जाती है कहानी। लगभग डेढ़ दश... और पढ़ें »

आशा की राह पर चलकर संवरा जीवन

Posted on:Mon, 17 Nov 2014 11:24 AM (IST)
        

बात तब की है, जब मैं हाईस्कूल में था। मैं पढ़ने में बहुत कमजोर था। मेरे पिता अधिक पढ़े-लिखे न थे। साधारण व्यवसाय कर घर का खर्च चलाते थे। हम कुल पांच ... और पढ़ें »

ऐसे बदली प्रधानाध्यापिका की सोच...

Posted on:Mon, 17 Nov 2014 11:06 AM (IST)
        

एक दिन मेरे जीवन में ऐसी घटना घटी कि मेरी आंखें खुल गईं और मुझे अनपढ़ अभिभावकों के प्रति अपने व्यवहार में परिवर्तन करना पड़ा। हुआ यूं कि मैं किसी कार... और पढ़ें »

किताबघर-कुछ बेगानी दास्तानें

Posted on:Mon, 10 Nov 2014 01:37 PM (IST)
        

हिंदी की सुप्रसिद्ध कथाकार मृदुला गर्ग इंसानी रिश्तों खासकर स्त्री-पुरुष संबंधों पर गहन अनुभूतियों और मनोवैज्ञानिकता के साथ लिखने के लिए जानी जाती है... और पढ़ें »

कमी दूर करके जीवन में सफलताएं हासिल कीं....

Posted on:Mon, 10 Nov 2014 01:09 PM (IST)
        

यह घटना उस समय की है, जब मैंने नए स्कूल में कक्षा आठ में प्रवेश लिया था और उस समय क्लास मॉनीटर द्वारा कहे गए व्यंग्य कथन से मेरा जागरण हुआ था। इस जाग... और पढ़ें »

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