जितनी झारखंड की आबादी, उससे ज्यादा आए टूरिस्ट

Publish Date:Wed, 13 Sep 2017 03:01 AM (IST) | Updated Date:Wed, 13 Sep 2017 03:01 AM (IST)
जितनी झारखंड की आबादी, उससे ज्यादा आए टूरिस्टजितनी झारखंड की आबादी, उससे ज्यादा आए टूरिस्ट
रांची : पर्यटन तथा कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा है कि

रांची : पर्यटन तथा कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा है कि राज्य के संबंध में नकारात्मक बातें सुनकर उनका मन भी नकारात्मक हो चला है। उन्होंने कहा कि क्या बंदूक की नोंक पर टूरिस्ट आएंगे, यह हम सबको सोचना होगा। कुछ लोग सुरक्षा की बात को लेकर झारखंड की छवि को बेवजह बदनाम करने में लगे हैं। अगर ऐसा होता बीते 1000 दिनों में पर्यटकों के झारखंड आने के ग्राफ में 62 फीसद की वृद्धि दर्ज नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि 2013 में जहां 2.05 करोड़ पर्यटक झारखंड आए थे, वहीं 2016 में यह संख्या बढ़कर 3.33 करोड़(झारखंड की कुल आबादी से अधिक) हो गई है।

मंगलवार को मीडिया से मुखातिब पर्यटन मंत्री ने कहा कि दुनिया का कौन सा ऐसा पर्यटन स्थल है, जहां किसी तरह की घटना नहीं घटती। जब तक हम खुद में विश्वास नहीं जगाएंगे, घर के मेहमानों की तरह पर्यटकों के स्वागत के लिए जनमानस को तैयार नहीं करेंगे, स्थिति यथावत रहेगी। मंत्री ने पर्यटन स्थल पर सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों की सुरक्षा में जहां पुलिस महकमा लगा है, वहीं बड़ी संख्या में पर्यटन मित्र के रूप में ग्रामीण युवा बहाल किए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रति सरकार गंभीर है। पारसनाथ में वंदना पथ को सजाया-संवारा जा रहा है, वहीं रामगढ़ के चुटु़पालू घाटी के समीप दर्शक दीर्घा के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। पर्यटन की संभावनाओं को प्रदर्शित करने के लिए लोहरदगा में स्वागत द्वार का निर्माण हो रहा है। आंजन धाम, किरीबुरू, सुतियांबे गढ़, नेतरहाट, इटखोरी, रजरप्पा आदि के विकास का खाका तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत अबतक पलामू को छोड़कर अन्य चार प्रमंडलों से चार हजार बुजुर्गो को भारत दर्शन कराया गया है। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को व‌र्ल्ड क्लास बनाने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार इसी तरह राज्य के कलाकारों को हर स्तर पर सम्मान देने का काम कर रही है। उन्हें पहचान पत्र दिया जा रहा है। 60 साल से अधिक आयु के कलाकारों के लिए पेंशन योजना की शुरूआत की गई है। सरायकेला के छऊ केंद्र का विकास और विस्तार किया जा रहा है।

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पतरातू का कायाकल्प शीघ्र, जयंती से पूर्व रांची में लगेगी विवेकानंद की प्रतिमा :

मंत्री ने दावा किया कि निकट भविष्य में पतरातू की पहचान विश्व स्तर पर स्थापित होगी। पतरातू की प्राकृतिक धरोहर को सजाने-संवारने पर 68.36 करोड़ खर्च होंगे। यह खर्च पार्क निर्माण, वाटर स्पोटर््स कॉम्पलेक्स, घाट, वाटर फ्रंट आदि विकसित किए जाने पर होंगे। 22 सितंबर तक इसका शिलान्यास संभावित है। इसी तरह राजधानी रांची के बड़ा तालाब में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा उनकी जयंती से पूर्व स्थापित कर दी जाएगी। 33 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण पर 16 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

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इको टूरिज्म, आध्यात्मिक और शिव सर्किट का होगा विकास :

मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के स्वदेश दर्शन योजना के तहत झारखंड के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थलों को तीन सर्किट में बांटा जाएगा। जमशेदपुर-रांची-लातेहार-पलामू इको टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित होगा। इसी तरह पारसनाथ-इटखोरी-कौलेश्वरी आध्यात्मिक सर्किट, जबकि देवघर-बासुकीनाथ-दुमका-मलूटी का विकास शिव सर्किट के रूप में होगा।

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Web Title:one thousand days of raghuwar government in jharkhand(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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