महुअडांड़वासी में महज कागज पर उजाला

Publish Date:Fri, 02 Nov 2012 09:12 PM (IST) | Updated Date:Fri, 02 Nov 2012 09:13 PM (IST)

महुआडांड़ (लातेहार): महुआडांड़ अनुमंडल में भले ही सरकारी आंकड़ों को देख बिजली विभाग के अधिकारी प्रखंड में बिजली पहुंचाने का दावा करते हों मगर यहां हकीकत कुछ और ही स्थिति बयां कर रही है।

राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना प्रखंड में छलावा बन कर रह गई है। वर्तमान समय में महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। इससे प्रखंड मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे दुखद पहलू यह है कि इस समस्या के निदान के लिए मंत्री, विधायक व आलाधिकारी कोई पहल नहीं कर रहे हैं।

बिजली समस्या के कारण प्रखंड मुख्यालय में इलेक्ट्रानिक दुकानें बंदी के कगार पर पहुंच चुकी है। इससे दुकानदारों की माली हालत काफी खराब हो गई।

दुकानदार परेशान : दुकानदारों को अब अपने परिवार का पेट पालना भी काफी मुश्किल हो रहा है। वहीं बिजली के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई भी काफी बाधित हो रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रखंड मुख्यालय में विद्युत सब स्टेशन का काम आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। जबकि विभाग ने ग्रामीण विद्युतीकरण को कागजी आंकड़ों में पूर्ण कर लिया है। मगर आज भी गांवों में बिजली नही पहुंच पाई है। गांववासी पूरी तरह अंधेरे में ही रहने को विवश हैं।

विद्युत विभाग डेड: बिजली विभाग भी महुआडांड़ में कर्मचारियों के अभाव में डेड हो चुका है। विभाग में भारी मात्रा में कर्मचारियों की जरूरत है। कर्मचारियों के अभाव में नेतरहाट से लाया गया 11 हजार वोल्ट का तार मात्र एक खंभे के सहारे खड़ा है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या की जानकारी विभाग को कई बार दे चुके हैं। मगर विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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