Move to Jagran APP

मृतप्राय जनजातीय कलाओं को समृद्ध करना जरूरी

गढ़वा : गढ़वा जिला संस्कार भारती की बैठक सोमवार को हुई। बैठक की शुरूआत ध्येय गीत प्रस्तुत कर किया

By Edited By: Published: Mon, 26 Sep 2016 06:42 PM (IST)Updated: Mon, 26 Sep 2016 06:42 PM (IST)
मृतप्राय जनजातीय कलाओं को समृद्ध करना जरूरी

गढ़वा : गढ़वा जिला संस्कार भारती की बैठक सोमवार को हुई। बैठक की शुरूआत ध्येय गीत प्रस्तुत कर किया गया। प्रांतीय सह महामंत्री राकेश रमण ने कहा कि संस्कार भारती भारतीय सभ्यता व संस्कृति को समृद्ध करने के लिए विभिन्न कलाओं पर आधारित गतिविधियों को आयोजित करती है। विशेष रूप से योजनाबद्ध तरीके से लुप्तप्राय जनजातीय कलाओं को समृद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रांतीय साहित्य प्रमुख डा. नथूनी पांडेय ने कहा कि जनजातीय लोक कलाओं पर साहित्यकारों को ध्यान देने की आवश्यकता है। पलामू विभाग प्रमुख नीरज श्रीधर स्वर्गीय ने कहा कि समग्रता से कार्य करने के लिए परस्पर समन्वय बनाना आवश्यक है। अध्यक्ष राम विलास प्रसाद ने कहा कि कला को सबका साथ मिलना चाहिए। बिना कला के मानव पशुवत होता है। मौके पर मदन प्रसाद केसरी, अंजली शाश्वत, श्याम नारायण पांडेय, ब्रजेश तिवारी, राजू सोनी, अर¨वद मेहता, जवाहर लाल प्रजापति, गौतम ऋषि आदि उपस्थित थे।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.