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डेरे में 'दिव्य' सेब बिकता था 11 हजार का, मिर्च हजार की

Publish Date:Sun, 10 Sep 2017 12:35 PM (IST) | Updated Date:Sun, 10 Sep 2017 04:32 PM (IST)
डेरे में 'दिव्य' सेब बिकता था 11 हजार का, मिर्च हजार कीडेरे में 'दिव्य' सेब बिकता था 11 हजार का, मिर्च हजार की
डेरा सच्चा सौदा में डेरा प्रेमी सब्जियों को कई हजार गुणा दाम पर खरीदते थे। दरअसल, वे इसे डेरा प्रमुख का दिया गया आशीर्वाद मानते थे।

जेएनएन, चंडीगढ़। सब्जियों के सही दाम नहीं मिलने के कारण भले ही देशभर के किसान खून के आंसू रोते रहे हों, लेकिन इन्हीं फल-सब्जियों के सहारे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने अरबों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। अक्सर रेहड़ी-फड़ियों पर मोल-भाव करते दिखने वाले डेरा प्रेमियों ने डेरे की सब्जियों के कई हजार गुणा दाम चुकाने में उफ तक नहीं की।

सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के पास करीब 1093 एकड़ जमीन है। इसमें से 768 एकड़ जमीन में खेती होती है। भक्तों की मौजूदगी में खुद गुरमीत खेतों में कभी ट्रैक्टर चलाता तो कभी कुदाल-फावड़े से खोदाई करता नजर आता। कभी फल-सब्जियां तोड़कर बकायदा इसके वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर डालकर प्रचारित किया जाता था कि डेरामुखी के हाथ लगने के कारण इन फल-सब्जियों में दिव्य शक्ति है। इनके सेवन से तमाम संकट दूर हो जाएंगे और कोई बीमारी नहीं होगी।

ऐसे में डेरा प्रेमियों में इन्हें खरीदने की होड़ रहती थी। डेरा प्रेमियों की इसी भक्ति का फायदा उठाकर डेरे में उपजाई गई एक हरी मिर्च एक हजार रुपये तक में बेची जाती थी तो एक बैगन भी एक हजार का। बैगन यदि बड़ा हुआ तो इसकी कीमत दो हजार रुपये हो जाती थी। इसी तरह मटर के पांच दाने एक हजार, दो टमाटर दो हजार, एक पपीता पांच हजार, अंगूर का गुच्छा 14 हजार और एक सेब को 11 हजार रुपये में बेचा जाता था।

बिजनेस बढ़ता देख डेरा मुखी ने सब्जियों की होम डिलीवरी के लिए सेवादारों की विशेष ड्यूटी लगाई हुई थी। इस तरह डेरे का रेवेन्यू बंपर तरीके से बढ़ता चला गया। डेरा प्रेमी कहते हैं कि राम रहीम ने अपने हाथ से इन सब्जियों को खेत में काम करके उगाया है। इसलिए हर कोई सब्जी का स्वाद चखना चाहता था। परिवार के एक सदस्य को भी अगर एक मटर का एक दाना भी मिल जाता तो वह खुद को बहुत भाग्यशाली समझता था।

100 ग्राम गुड़ सवा लाख में

वहीं गुरमीत राम रहीम के हाथ से बना गुड़ का 100 ग्राम का टुकड़ा सवा लाख में बिकता था। किसी कार्यक्रम या समागम में वह जिस कुर्सी पर बैठता, वह 80 हजार से दो लाख रुपये तक में बिकती। इसी तरह परमार्थ के नाम पर डेरा अनुयायी गुरमीत द्वारा चलाए दोपहिया व चौपहिया वाहनों को कई गुना अधिक दामों पर खरीदते रहे।

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Web Title:11 thousand rupees for an apple in the Dera(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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