फिल्म समीक्षा

  • फिल्म रिव्यू: कौन कितने पानी में (1.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 28 Aug 2015 11:36 AM (IST)

    नीला माधव पांडा की 'कौन कितने पानी में' रोचक व्यंग्यात्मक शैली में पानी की गंभीर समस्या से जूझते समाज की झलक देती है। फिलहाल यह क्षेत्र विशेष की समस्या लगती है। भविष्य में देश-विदेश के सभी शहरो में पानी के लिए झगड़े और फसाद होंगे। शेखर कपूर की महत्वा...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: फैंटम (2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 28 Aug 2015 11:10 AM (IST)

    आतंकवाद की समस्या विश्वव्यापी है। हिंदुस्तान-पाकिस्तान इससे अछूते नहीं हैं। जेहाद के नाम पर रह-रहकर दोनों देशों में दशकों से जबरदस्त तबाही मचाई जाती रही है। इससे निपटने के इंतजाम फौरी राहत तो दे देते हैं, पर अब तक आतंकियों व कथित जेहादियों का समूल न...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: फेंटास्टिक 4 (1 स्टार)

    Updated on: Sat, 22 Aug 2015 10:34 AM (IST)

    'फेंटास्टिक 4' के बारे में बहुत बार लिखा जा चुका है। फिल्म की वास्तविक स्क्रिप्ट और पर्दे के पीछे का ड्रामा भी। मगर यह सबकुछ हॉलीवुड की बड़ी फिल्म के साथ गलत साबित होता है। डायरेक्टर चुनने से लेकर तो स्क्रिप्ट तक सबकुछ गलत। कास्टिंग और इसका प्रेजेन्...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: द गिफ्ट (4 स्टार)

    Updated on: Sat, 22 Aug 2015 10:21 AM (IST)

    फिल्म इंडस्ट्री में ज्यादातर मौकों पर एक्टर्स अपना काम ही मुश्किल से कर पाते हैं जो कि है एक्टिंग। दूसरा ऐसे अनेक डायरेक्टर्स हैं जो डायरेक्शन भी ठीक से नहीं कर पाते हैं। मगर इस बीच एक नाम है जोल एजर्टन का। उन्होंने एक्टिंग से डायरेक्शन में भी कदम र...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: ऑल इज वेल (2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 21 Aug 2015 03:32 PM (IST)

    समाज, देश-दुनिया व हर पीढ़ी हर दौर में एक क्राइसिस से गुजरती है। हमारी फिल्में उससे उपजे खालीपन को भरने वाली कहानियां पेश करती हैं। ऑल इज वेल' भी वह प्रयास करती है। मौजूदा दौर में जहां परिवार का सुख भाग-दौड़ भरी जिंदगी की मार झेल रहे लोगों की जिंदगी और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू : मांझी - द माउंटेन मैन (3.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 21 Aug 2015 11:45 AM (IST)

    दशरथ मांझी को उनके जीवन काल में गहरोल गांव के बच्‍चे पहाड़तोड़ुवा कहते थे। दशरथ माझी को धुन लगी थी पहाड़ तोड़ने की। हुआ यों था कि उनकी पत्‍नी फगुनिया पहाड़ से गिर गई थीं और समय पर अस्‍पताल नहीं पहुंच पाने की वजह से प्रसव के दौरान मर गई और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: वेकेशन (2 स्टार)

    Updated on: Sat, 15 Aug 2015 09:19 AM (IST)

    फिल्म 'वेकेशन' साल 1983 में आई फिल्म की रीमेक की तरह ही है। इसका निर्देशन किया है जॉनाथन गोल्डस्टेन और जॉन फ्रांसिस डेले ने। इस सीरीज को फिर से जीवंत करने की कोशिश की गई है मगर यह फेल साबित हुई है। कारण कि मूल फिल्म इतनी अच्छी बन पड़ी और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: गौर हरि दास्तान (3.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 14 Aug 2015 12:41 PM (IST)

    अनंत महादेवन की 'गौर हरि दास्तान' एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी की कहानी है, जिन्हें अपने स्वतंत्रता सेनानी का प्रमाण पत्र लेने में 32 साल लगे। गौर हरि की जीवटता विऊल्म में बखूबी चित्रित हुई। उसे विनय पाठक ने किरदार के स्वभाव के अनुरूप निभाया है। अपने सा...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: ब्रदर्स (2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 14 Aug 2015 10:32 AM (IST)

    अशोक लोखंडे, किरण कुमार और आशुतोष राणा ‘ब्रदर्स’ के अहम कलाकार हैं। छोटी और सहयोगी भूमिकाओं में आए ये कलाकार फिल्म के मुख्यि कलाकारों अक्षय कुमार, सिद्घार्थ मल्होत्रा और जैकी श्रॉफ के निखरने में मददगार रहे। जैकलीन फर्नांडिस के बदले कोई और अभिनेत्री ...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: मिशन इम्पॉसिबल रफ नेशन (4 स्टार)

    Updated on: Sat, 08 Aug 2015 10:20 AM (IST)

    शायद यही कारण है कि टॉम क्रूज सभी के चहेते स्टार क्यों हैं। 53 साल का स्टार अभी भी बड़े पर्दे पर फिक्शन और एक्शन फिल्मों में नजर आ रहा है। साथ ही उसने अपना दबदबा कायम रखा है। इसका कारण है उनकी दमदार क्षमता। वो हर मिनट में अपना और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: बैंगिस्तान (2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 07 Aug 2015 10:50 AM (IST)

    हिंदुस्तान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बारे में हम सभी जानते हैं। इन सभी देशों में आतंकवाद एक गंभीर समस्या है, जो धर्म से निर्देशित हो रही है। आतंकवाद के रंग अलग हो सकते हैं, लेकिन आतंकवाद की सारी धार्मिक लड़ाइयों में मौत तो इंसान की ही होती है। सभ...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: जानिसार (1.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 07 Aug 2015 08:39 AM (IST)

    मुजफ्फर अली की ‘गमन’, ’आगमन’ और ‘उमराव जान’ जैसी उल्लेखनीय फिल्मों के मुरीद के लिए ‘जानिसार’ गहरे अवसाद का सबब बनती है। मुजफ्फर अली अपनी अदा और खूबसूरती के साथ इस फिल्म में भी मौजूद हैं, लेकिन वह जादू उनसे छूट गया है जिसे सिनेमा कहते हैं। इस बार वे और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: साउथपॉ (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 01 Aug 2015 09:23 AM (IST)

    'साउथपॉ' को देखकर लगता है कि जैक एक ऐसे एक्टर के तौर पर उभरे है जो किसी भी फिल्म को अपने कंधे पर खींच सकते हैं। फिल्म में उनकी एक्टिंग तो दमदार है ही। 'साउथपॉ' उन फिल्मों में शुमार है जहां आपको लगता है कि इसके और भी भाग हो और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: द वेटीकन टेप्स (1 स्टार)

    Updated on: Sat, 01 Aug 2015 09:12 AM (IST)

    एक और डरावनी फिल्म। बिलकुल उसी तर्ज पर की कम बजट और कमजोर कहानी। फिर भी कोशिश दर्शकों को रिझाने की। इस बार हमारे सामने है 'द वेटीकन टेप्स'। ऐसी कई फिल्में हॉलीवुड में पहले भी बन चुकी है। इसलिए इसमें कुछ भी नया नहीं है। और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: पिक्सल्स (1 स्टार)

    Updated on: Sat, 01 Aug 2015 09:03 AM (IST)

    एडम सेंडलर की वो क्या बातें हैं जो उन्हें सामान्य से कुछ अलग इंसान बनाती है। उनका चेहरा। उनकी कॉमेडी टाइमिंग। उनकी अजीब आवाज। यह सबकुछ फिल्म में हैं। उनकी कुछ पहली फिल्में जो थी वो बेस्ट थी। बहरहाल उनकी हालिया रिलीज फिल्म एक डरावना अनुभव ही है। यह ब...  और पढ़ें »

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