फिल्म समीक्षा

  • फिल्म रिव्यू: एंग्री इंडियन गॉडेसेस (3 स्टार)

    Updated on: Fri, 04 Dec 2015 02:26 PM (IST)

    हिंदी फिल्मों में पुरुष किरदारों के भाईचारे और दोस्ती पर फिल्में बनती रही हैं। यह एक मनोरंजक विधा(जोनर) है। महिला किरदारों के बहनापा और दोस्ती की बहुत कम फिल्‍में हैं। इस लिहाज से पैन नलिन की फिल्म ‘एंग्री इंडियन गॉडेसेस’ एक अच्छी कोशिश है। इस फिल्म...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यूः द हंगर गेम्स : मॉकिंगजे पार्ट 2 (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 28 Nov 2015 12:30 PM (IST)

    'मॉकिंगजे पार्ट 1' फिल्म दूसरे हिस्से के मुकाबले कुछ कमजोर थी। पहली फिल्म की प्रक्रिया पूरी तरह से अव्यवस्थित थी। मगर हां दूसरे हिस्से में सारी चीजें व्यवस्थित नजर आती है। इसमें मेकर्स ने जुड़ाव दर्शाया है। यह बात अच्छी भी लगी है। यह वो बात है जिसके...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: क्रीड (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 28 Nov 2015 12:12 PM (IST)

    वार्नर ब्रदर्स जानते हैं कि चालीस साल की उम्र के बाद भी किसी बात को कैसे कैश किया जा सकता है। सिल्वेस्टर स्टेलॉन पिछले कुछ सीक्वल को सफल बनाते आए हैं। इस बार डायरेक्टर नया है। रेयान कूग्लर ने कहानी को स्थापित किया है। नए डायरेक्शन के बाद भी कुछ और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: तमाशा (3.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 27 Nov 2015 03:02 PM (IST)

    इम्तियाज अली ने रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण जैसे दो समर्थ कलाकारों के सहारे प्रेम और अस्मिता के मूर्त-अमूर्त भाव को अभिव्यकक्ति दी है। सीधी-सपाट कहानी और फिल्मों के इस दौर में उन्होंने जोखिम भरा काम किया है। उन्होंने दो पॉपुलर कलाकारों के जरिए एक अ...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: स्पेक्टर (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 21 Nov 2015 01:13 PM (IST)

    डेनियल क्रेग के लिए चौथी और बॉन्‍ड सीरीज की ये 24वीं फिल्म है। साल 2006 में आई 'केसिनो रॉयल' के बाद आई 'स्कायफॉल'। अब हमारे बीच है 'स्पेक्टर'। फिल्म संतोषजनक है। कारण ये है कि एक बार फिर कुछ नया दर्शकों को देखने को मिलेगा। इस बार बॉन्ड सीरीज में और पढ़ें »

  • फिल्‍म: सीक्रेट इन देअर आइज (2.5 स्‍टार)

    Updated on: Sat, 21 Nov 2015 01:05 PM (IST)

    इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है जो बहुत ही रोचक लगे। ऐसे में दर्शक अंत तक फिल्म से बंध नहीं पाते हैं।  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: एक्स - पास्ट इज प्रेजेंट (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 21 Nov 2015 10:42 AM (IST)

    यह फिल्म रोचक प्रयोग से कुछ ज्यादा है। इसमें 11 फिल्ममेकर्स ने एक ही विषय में दिलचस्पी दिखाई है। उम्रदराज फिल्ममेकर रजत कपूर कमिटमेंट से भयभीत है। उन्हें रहस्यमयी तौर पर 'के' कहा जाता है। वो अपने आपको एक ऐसा आर्टिस्ट मानते हैं जो कहीं से भागा हुआ है...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: प्रेम रतन धन पायो(3.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 13 Nov 2015 12:31 PM (IST)

    ‘प्रेम रतन धन पायो’ सूरज बड़जात्या की रची दुनिया की फिल्म है। इस दुनिया में सब कुछ सुंदर, सारे लोग सुशील और स्थितियां सरल हैं। एक फिल्मी लोक है, जिसमें राजाओं की दुनिया है। उनके रीति-रिवाज हैं। परंपराओं का पालन है। राजसी ठाट-बाट के बीच अहंकार और स्व...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: होटल ट्रांसेल्वेनिया 2 (2 स्टार)

    Updated on: Fri, 13 Nov 2015 12:30 PM (IST)

    मॉन्सटर कॉमेडी एक बार फिर से दर्शकों के बीच पहुंच चुकी है। इस बार कुछ अलग है। जो अच्छा भी लगता है। थोड़ी मजेदार है और थोड़ी क्यूट। बावजूद इसके फिल्म आपको फुसलाती प्रतीत होती है। ड्राकूला अपने खतरे को लेकर ज्यादा कठोर नहीं है। अब तो मानव मेहमानों को और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: ही नेम्ड मी मलाला (2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 13 Nov 2015 12:29 PM (IST)

    दुनिया की सबसे युवा प्रतिभागी मलाला युसुफजई, जिसे नोबल प्राइज प्राप्त हुआ। उन पर डेविस गगनहेम ने एक डाक्यूमेंट्री बनाई है। पाकिस्तान की यंग एक्टिविस्ट को कई तरह के हमलों का शिकार होना पड़ा है। बावजूद इसके मलाला ने लड़कियों के समान अधिकारों के लिए अप...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: चार्ली के चक्कर में(2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 13 Nov 2015 12:29 PM (IST)

    मनीष श्रीवास्तव की ‘चार्ली के चक्कर में’ मुंबई की भीतरी परत की सच्चाइयां हैं। ऊपर से यह शहर बिल्कुल अलग नजर आता है। थोड़ा खुरचें तो एक अलग दुनिया है, जिसमें अपराध, ड्रग, गैरकानूनी हरकतें और फिल्मों के अधूरे सपने हैं। ख्वाहिशों के इस शहर में यह भांप ...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: तितली (4 स्टार)

    Updated on: Fri, 30 Oct 2015 02:58 PM (IST)

    नियमित तौर पर आ रही हिंदी फिल्मों ने हमें रंग, खूबसूरती, सुंदर लोकेशन, आकर्षक चेहरों और सुगम कहानी का ऐसा आदी बना दिया है कि अगर पर्दे पर यथार्थ की झलक भी दिखे तो सहज प्रतिक्रिया होती है कि ये क्या है? सचमुच सिनेमा का मतलब मनोरंजन से अधिक सुकून और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: मैं और चार्ल्स (3.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 30 Oct 2015 02:58 PM (IST)

    प्रवाल रमण की ‘मैं और चार्ल्स’ कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज का बॉयोपिक नहीं है। प्रवाल ने चार्ल्स की जिंदगी और एडवेंचर को ग्लैमराइज करने की कोशिश नहीं की है। यह फिल्म आमोद कंठ के नजरिए से है। आमोद कंठ ने ही चार्ल्स को गिरफ्तार कर सजा दिलवाने में मद...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: स्थानीय टच की बिहारी फिल्म‍ 'वन्स अपॉन ए टाइम इन बिहार' (3 स्टार)

    Updated on: Fri, 30 Oct 2015 02:58 PM (IST)

    नितिन चंद्रा ने चार साल पहले भोजपुरी में ‘देसवा’ फिल्म बनाई थी। इस फिल्म को कायदे की रिलीज नहीं मिल पाई थी। भोजपुरी फिल्मों के वितरण में संलग्न कुछ स्वार्थियों ने इस फिल्म को सिनमाघरों में प्रवेश ही नहीं करने दिया। दर्शकों को फिल्म‍ से और फिल्म से द...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: जानदार नहीं है शाहिद-आलिया की 'शानदार' (2 स्टार)

    Updated on: Mon, 26 Oct 2015 12:32 PM (IST)

    ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ पर फिल्म बनाने से एक सहूलियत मिल जाती है कि सभी किरदारों को एक कैशल(हिंदी में महल या दुर्ग) में ले जाकर रख दो। देश-दुनिया से उन किरदारों का वास्ता खत्म। अब उन किरदारों के साथ अपनी पर्दे की दुनिया में रम जाओ। कुछ विदेशी चेहरे दिखे...  और पढ़ें »

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