फिल्म समीक्षा

  • फिल्म रिव्यू: स्पेक्टर (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 21 Nov 2015 01:13 PM (IST)

    डेनियल क्रेग के लिए चौथी और बॉन्‍ड सीरीज की ये 24वीं फिल्म है। साल 2006 में आई 'केसिनो रॉयल' के बाद आई 'स्कायफॉल'। अब हमारे बीच है 'स्पेक्टर'। फिल्म संतोषजनक है। कारण ये है कि एक बार फिर कुछ नया दर्शकों को देखने को मिलेगा। इस बार बॉन्ड सीरीज में और पढ़ें »

  • फिल्‍म: सीक्रेट इन देअर आइज (2.5 स्‍टार)

    Updated on: Sat, 21 Nov 2015 01:05 PM (IST)

    इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है जो बहुत ही रोचक लगे। ऐसे में दर्शक अंत तक फिल्म से बंध नहीं पाते हैं।  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: एक्स - पास्ट इज प्रेजेंट (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 21 Nov 2015 10:42 AM (IST)

    यह फिल्म रोचक प्रयोग से कुछ ज्यादा है। इसमें 11 फिल्ममेकर्स ने एक ही विषय में दिलचस्पी दिखाई है। उम्रदराज फिल्ममेकर रजत कपूर कमिटमेंट से भयभीत है। उन्हें रहस्यमयी तौर पर 'के' कहा जाता है। वो अपने आपको एक ऐसा आर्टिस्ट मानते हैं जो कहीं से भागा हुआ है...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: प्रेम रतन धन पायो(3.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 13 Nov 2015 12:31 PM (IST)

    ‘प्रेम रतन धन पायो’ सूरज बड़जात्या की रची दुनिया की फिल्म है। इस दुनिया में सब कुछ सुंदर, सारे लोग सुशील और स्थितियां सरल हैं। एक फिल्मी लोक है, जिसमें राजाओं की दुनिया है। उनके रीति-रिवाज हैं। परंपराओं का पालन है। राजसी ठाट-बाट के बीच अहंकार और स्व...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: होटल ट्रांसेल्वेनिया 2 (2 स्टार)

    Updated on: Fri, 13 Nov 2015 12:30 PM (IST)

    मॉन्सटर कॉमेडी एक बार फिर से दर्शकों के बीच पहुंच चुकी है। इस बार कुछ अलग है। जो अच्छा भी लगता है। थोड़ी मजेदार है और थोड़ी क्यूट। बावजूद इसके फिल्म आपको फुसलाती प्रतीत होती है। ड्राकूला अपने खतरे को लेकर ज्यादा कठोर नहीं है। अब तो मानव मेहमानों को और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: ही नेम्ड मी मलाला (2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 13 Nov 2015 12:29 PM (IST)

    दुनिया की सबसे युवा प्रतिभागी मलाला युसुफजई, जिसे नोबल प्राइज प्राप्त हुआ। उन पर डेविस गगनहेम ने एक डाक्यूमेंट्री बनाई है। पाकिस्तान की यंग एक्टिविस्ट को कई तरह के हमलों का शिकार होना पड़ा है। बावजूद इसके मलाला ने लड़कियों के समान अधिकारों के लिए अप...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: चार्ली के चक्कर में(2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 13 Nov 2015 12:29 PM (IST)

    मनीष श्रीवास्तव की ‘चार्ली के चक्कर में’ मुंबई की भीतरी परत की सच्चाइयां हैं। ऊपर से यह शहर बिल्कुल अलग नजर आता है। थोड़ा खुरचें तो एक अलग दुनिया है, जिसमें अपराध, ड्रग, गैरकानूनी हरकतें और फिल्मों के अधूरे सपने हैं। ख्वाहिशों के इस शहर में यह भांप ...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: तितली (4 स्टार)

    Updated on: Fri, 30 Oct 2015 02:58 PM (IST)

    नियमित तौर पर आ रही हिंदी फिल्मों ने हमें रंग, खूबसूरती, सुंदर लोकेशन, आकर्षक चेहरों और सुगम कहानी का ऐसा आदी बना दिया है कि अगर पर्दे पर यथार्थ की झलक भी दिखे तो सहज प्रतिक्रिया होती है कि ये क्या है? सचमुच सिनेमा का मतलब मनोरंजन से अधिक सुकून और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: मैं और चार्ल्स (3.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 30 Oct 2015 02:58 PM (IST)

    प्रवाल रमण की ‘मैं और चार्ल्स’ कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज का बॉयोपिक नहीं है। प्रवाल ने चार्ल्स की जिंदगी और एडवेंचर को ग्लैमराइज करने की कोशिश नहीं की है। यह फिल्म आमोद कंठ के नजरिए से है। आमोद कंठ ने ही चार्ल्स को गिरफ्तार कर सजा दिलवाने में मद...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: स्थानीय टच की बिहारी फिल्म‍ 'वन्स अपॉन ए टाइम इन बिहार' (3 स्टार)

    Updated on: Fri, 30 Oct 2015 02:58 PM (IST)

    नितिन चंद्रा ने चार साल पहले भोजपुरी में ‘देसवा’ फिल्म बनाई थी। इस फिल्म को कायदे की रिलीज नहीं मिल पाई थी। भोजपुरी फिल्मों के वितरण में संलग्न कुछ स्वार्थियों ने इस फिल्म को सिनमाघरों में प्रवेश ही नहीं करने दिया। दर्शकों को फिल्म‍ से और फिल्म से द...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: जानदार नहीं है शाहिद-आलिया की 'शानदार' (2 स्टार)

    Updated on: Mon, 26 Oct 2015 12:32 PM (IST)

    ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ पर फिल्म बनाने से एक सहूलियत मिल जाती है कि सभी किरदारों को एक कैशल(हिंदी में महल या दुर्ग) में ले जाकर रख दो। देश-दुनिया से उन किरदारों का वास्ता खत्म। अब उन किरदारों के साथ अपनी पर्दे की दुनिया में रम जाओ। कुछ विदेशी चेहरे दिखे...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: क्रिमसन पीक (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 17 Oct 2015 10:33 AM (IST)

    निर्देशक की सोच थी कि ये फिल्म थोड़ा डराए और थोड़ा रोमांचित करे। फिल्म देखकर लगता है कि निर्देशक डेल टोरो अपने काम में सफल हुए हैं। विजुअल में डरावनी नजर आने वाली ये फिल्म का माहौल शुरुआत में बहुत ही भारी लगता है। मगर बाद में मजा भी आता और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: बासी और ठंडा है ये 'वेडिंग पुलाव' (1 स्टार)

    Updated on: Fri, 16 Oct 2015 01:10 PM (IST)

    यह फिल्म अनुष्का रंजन के माता-पिता ने बेटी की लॉन्चिंग के लिए बनाई है। ऐसी लॉन्चिंग फिल्म में लेखकों को हिदायत रहती है कि सारा जोर उस कलाकार पर हो, जिसे लॉन्च किया जा रहा है। फिल्म में उसके लिए ऐसे दृश्य होने चाहिए, जिसमें उस कलाकार की क्षमता और और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: प्यार का पंचनामा 2 (3 स्टार)

    Updated on: Fri, 16 Oct 2015 12:04 PM (IST)

    ‘प्या‍र का पंचनामा’ देख रखी है तो ‘प्यार का पंचनामा 2’ में अधिक नयापन नहीं महसूस होगा। वैसे ही किरदार हैं। तीन लड़के है और तीन लड़कियां भी। इनके अलावा कुछ दोस्त हैं और कुछ सहेलियां। तीनों लड़कों की जिंदगी में अभी लड़कियां नहीं हैं। ऐसा संयोग होता है...  और पढ़ें »

  • फिल्‍म रिव्यू : 'जज्बा', थ्रिलर और इमोशन का आकर्षक योग (2.5 स्टार)

    Updated on: Tue, 13 Oct 2015 11:55 AM (IST)

    संजय गुप्ता की ‘जज्बा’ दक्षिण कोरियाई फिल्म ‘सेवन डेज’ की अधिकृत रीमेक है। दक्षिण कोरिया में यह फिल्म आठ साल पहले रिलीज हुई थी। संजय गुप्ता अपनी अनधिकृत रीमेक के लिए बदनाम रहे हैं, इस बार उन्होंने अधिकार लेकर हिंदी फिल्म बनाई है। उनकी फिल्मों में एक...  और पढ़ें »

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