फिल्म समीक्षा

  • फिल्म रिव्यू: बजरंगी भाईजान (4 स्टार)

    Updated on: Fri, 17 Jul 2015 02:20 PM (IST)

    सलमान खान की ‘बजरंगी भाईजान’ को देखने के कई तरीके हो सकते हैं। पॉपुलर स्टार सलमान की फिल्में समीक्षा से परे होती हैं। खरी-खोटी लिखने या बताने से बेहतर होता है कि फिल्मों की अपील की बातें की जाएं। सलमान खान की खास शैली है। एक फॉर्मूला सा बन गया  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: द गैलोज (1 स्टार)

    Updated on: Sat, 11 Jul 2015 11:02 AM (IST)

    15 साल पहले ब्लेयर विच प्रोजेक्ट सामने आया था। इसने हॉलीवुड को एक आइडिया भी गिफ्ट किया जिसमें फुटेज हॉरर की बात की गई। मगर बाद में दिक्कत यह हो गई कि निर्माता एक ही तरीके से फिल्म बनाने लगे। बजाए इसके कि कुछ अच्छी कहानियां भी लिखी जाए। बस और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: एमी (4 स्टार)

    Updated on: Sat, 11 Jul 2015 10:50 AM (IST)

    कुछ साल पहले निर्देशक आसिफ कपाड़िया ने एक छोटी फिल्म बनाई थी 'सेना'। यह फॉर्मूला वन रेसर पर बनी एक बायोपिक थी। फिल्म के अंत में कुछ सीन ऐसे थे जो आपके दिल को झकझोर कर रख दें। यह फिल्म सर्वकालिक तौर पर बेस्ट फिल्म है। इसे देख तो आदमी और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: मिनियंस (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 11 Jul 2015 10:38 AM (IST)

    फिल्म देखने के बाद जब आप बाहर निकलेंगे तो पाएंगे कि बच्चे जहां बहुत ही खुश हैं वहीं युवा वर्ग खासा निराश। मगर एक बात जो कॉमन है। वो ये कि दोनों को ही फिल्म में हंसने-मुस्कुराने का मौका मिलता है। हालांकि फिल्म इतनी भी शानदार नहीं है मगर फिर और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: बाहुबली (3 स्टार)

    Updated on: Fri, 10 Jul 2015 12:50 PM (IST)

    एसएस राजामौली की फिल्म 'बाहुबली' मूल रूप से हिंदी में बनी फिल्म नहीं है। फिर भी यह हिंदी दर्शकों के लिए दक्षिण की सौगात है। इस पैमाने पर हिंदी में फिल्में नहीं सोची गई हैं। हम बिग बजट फिल्मों में अलग प्रयोग करते रहे हैं। पीरियड में जाकर काल्पनिक कथा और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: सेकेंड हैंड हस्बैंड (2 स्टार)

    Updated on: Sat, 04 Jul 2015 11:12 AM (IST)

    समीप कंग ने इसमें टीम लगभग सारी पंजाबी ही ली है इसलिए यही महसूस होता है जैसे हिंदी में पंजाबी फिल्म देख रहे हों। और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: गुड्डू रंगीला (3 स्टार)

    Updated on: Fri, 03 Jul 2015 10:28 AM (IST)

    'फंस गए रे ओबामा' और 'जॉली एलएलबी' से अपनी धाक जमाने और आत्मविश्वास हासिल करने के बाद सुभाष कपूर ने छलांग मारी है। 'गुड्डू रंगीला' में वे हिंदी सिनेमा की परिपाटी के मैदान में अपनी चुटीली और जागरुक विशेषताओं के साथ आए हैं। उनकी मौलिकता इस बार अधिकाधि...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: इनसाइड आउट (5 स्टार)

    Updated on: Sat, 27 Jun 2015 08:54 AM (IST)

    आप लोगों को साल 2009 तो याद ही होगा। आप थिएटर पहुंचे थे फिल्म 'पिक्सर' देखने जहां पर आपने उम्मीद की थी कि एक कार्टून देखने को मिलेगा। शुरू के दस मिनट तो आपने जैसे-तैसे निकाले थे। इसके बाद इस फिल्म ने आपके दिल में जगह बना ली थी। इस और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: युवा (1.5 स्टार )

    Updated on: Sat, 27 Jun 2015 08:42 AM (IST)

    फिल्म मे एक गाना है जिसकी लाइन है, 'लगाके तारों में तड़का, चलो मैगी बनाते हैं'। यह हालिया मामले पर तंज के समान है। हालांकि फिल्म में इतनी सारी बातें है कि एक पल ऐसा लगने लगता है कि खिचड़ी बन गई है। ऐसे में सारी बातें उलट जाती है। और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: इंसीडियस 3 (3 स्टार)

    Updated on: Sat, 27 Jun 2015 08:30 AM (IST)

    जेम्स वान ने मूल फिल्म में कुछ असाधारण सा बनाया था। इसके बाद सात सालों के सात सीक्वल बेच दिए। हालांकि हर सीक्वल पिछली की तुलना में कम प्रभावी रहा। और अंततः हुआ यह है कि एक के बाद एक सीक्वल में कुछ न कुछ कमी रहने लगी। इन फिल्मों और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू : मिस टनकपुर हाजिर हो (2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 26 Jun 2015 02:24 PM (IST)

    पत्रकार रहे विनोद कापड़ी की पहली फिल्मं है 'मिस टनकपुर हाजिर हो'। राजस्थान की सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म की कथाभूमि हरियाणा की कर दी गई है। विनोद कापड़ी ने कलाकारों से लेकर लोकेशन तक में देसी टच रखा है। यह फिल्म भारतीय समाज के एक विशेष इलाके मे...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: एंटोरेज (2 स्टार)

    Updated on: Sat, 20 Jun 2015 08:36 AM (IST)

    'एंटोरेज' टेलीविजन पर सालों पहले एक सक्सेस शो था। इसकी कॉमेडी का अपना ब्रांड था क्योंकि यहां पर अजीबोगरीब चुटकुले से हास्य पैदा करने की कोशिश की जाती थी। इसे बाद में पसंद किया जाने लगा। कुछ ही टीवी शो ऐसे हुए हैं जिनपर बाद में फिल्म बनी और सफल और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: स्पाय (4 स्टार)

    Updated on: Sat, 20 Jun 2015 08:29 AM (IST)

    पॉल फैग नब्बे के दशक तक एक गुमनाम नायक की श्रेणी में थे। उन्हें बहुत कम समय तक चलने वाले टीवी शो के लिए जाना जाता था। उन्होंने 'द ऑफिस' के कुछ मजेदार एपिसोड शूट किए थे। मगर आखिरकर दुनिया को उनकी काबिलियत का पता लग ही गया जब उन्होंने और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: एबीसीडी 2 (2.5 स्टार)

    Updated on: Fri, 19 Jun 2015 01:09 PM (IST)

    रैमो डिसूजा की फिल्म ‘एबीसीडी 2’ में डांस है, जोश है, देशभक्ति और अभिमान भी है, वंदे मातरम है, थोड़ा रोमांस भी है...फिल्मों में इनसे ही अलग-अलग संतुष्ट होना पड़ेगा। दृश्ये और प्रसंग के हिसाब से इन भाव और भावनाओं से मनोरंजन होता है। कमी रह गई है तो ब...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: जुरासिक वर्ल्ड (3.5 स्टार)

    Updated on: Sat, 13 Jun 2015 08:59 AM (IST)

    23 साल बाद स्टीवन स्पिलबर्ग एक बार फिर दर्शकों को उसी दुनिया में लेकर गए हैं। जहां पर पानी के चश्मे और हरे रंग के मुरब्बे जैसे दृश्य देखने को मिलते हैं। यह पूरी कल्पना पर आधारित बात ही है। अमेरिका के केंद्र में स्थित आईलैंड है 'इस्ला नबलर'। यह और पढ़ें »

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