PreviousNext

टल गया टकराव

Publish Date:Mon, 20 Mar 2017 01:02 AM (IST) | Updated Date:Mon, 20 Mar 2017 03:48 AM (IST)
टल गया टकरावटल गया टकराव
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन एक बार फिर्र ंहसक मोड़ पर आ पहुंचा था, लेकिन सरकार की सक्रियता से टल गया।

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन एक बार फिर्र ंहसक मोड़ पर आ पहुंचा था, लेकिन सरकार की सक्रियता से टल गया। दिल्ली में प्रदेश व केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से हुई सहमति के बाद आंदोलनकारियों ने दिल्ली कूच का फैसला टाल दिया गया। इससे निश्चित तौर पर आमजन ने राहत की सांस ली है। हालांकि सरकार इसके लिए सतत प्रयास कर रही थी और अधिकतर मांगों को पूरा भी कर दिया गया था। बावजूद इसके कुछ कारणों से बात सिरे नहीं चढ़ पा रही थी। प्रदेश सरकार के मंत्रियों की कमेटी ने तो बकायदा समझौते का एलान भी कर दिया था पर अगले दिन आंदोलनकारियों के सुर बदल गए। फतेहाबार्द ंहसा को छोड़ भले ही धरने शांतिपूर्ण रहे हों लेकिन अनहोनी का डर सदा बना रहा। जाहिर है कि इस समझौते से प्रदेश वासियों को राहत मिलेगी। हालांकि, कुछ चिंताएं अभी कायम हैं। सरकार ने सभी मांगों को मानने पर सहमति जता दी, लेकिन कुछ मांगों को पूरा करने में सरकार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पहले से ही आरक्षण का मसला अदालत में लंबा खिंच रहा है और सरकार चाहकर भी इसे लागू नहीं करवा पा रही है। इसके अलावा केस वापस लेने के फैसले को भी अदालती चुनौती का सामना करना पड़ेगा। मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी के मसले पर सरकार पहले से ही सहमत थी। ऐसे में जल्दबाजी में इन फैसलों को लागू करना आसान नहीं है। थोड़ा संयम व धैर्य सभी पक्षों को रखना होगा ताकि इन फैसलों पर अमल के लिए जमीन तैयार कर सके। इस आंदोलन के दौरान भड़काऊ भाषणों की बढ़ती प्रवृत्ति भी चिंता बढ़ा रही है। आंदोलनकारियों को भी ऐसे लोगों से किनारा करना होगा या उनपर अंकुश लगाना होगा।

[ स्थानीय संपादकीय : हरियाणा ]

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें और मैच के Live स्कोर पाने के लिए जाएं m.jagran.com पर
Web Title:Resolved conflicts(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

कमेंट करें

निर्णायक प्रहार का वक्तयोगी शासन की शुरुआत
यह भी देखें