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हमला चिंताजनक

Publish Date:Tue, 21 Mar 2017 02:47 AM (IST) | Updated Date:Tue, 21 Mar 2017 02:59 AM (IST)
हमला चिंताजनकहमला चिंताजनक
कश्मीर में चुनाव के दौरान इस प्रकार के हमले नई बात नहीं है, अलगाववादी ऐसा कर लोगों में आतंक पैदा करना चाहते हैं।

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कश्मीर में चुनाव के दौरान इस प्रकार के हमले नई बात नहीं है, अलगाववादी ऐसा कर लोगों में आतंक पैदा करना चाहते हैं
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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन पर हमला चिंताजनक है। अलगाववादियों व आतंकवादी संगठनों के चुनावों के बहिष्कार करने की चेतावनी देने के बाद विगत दिवस हुआ हमला पूरी तरह से सुनियोजित लगता है। ऐसा करके अलगाववादी कार्यकर्ताओं व लोगों में आतंक पैदा करना चाहते हैं ताकि वे संसदीय उपचुनाव में भाग न लें। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अनंतनाग संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे पीडीपी के उम्मीदवार ने कार्यकर्ताओं को पहले से ही इस प्रकार के हमलों को लेकर आगाह किया है। चुनाव के दौरान कश्मीर में इस प्रकार के हमले हालांकि कोई नई बात नहीं है। चाहे संसदीय चुनाव हो या फिर विधानसभा और पंचायत चुनाव, हर बार अलगाववादी संगठनों और आतंकवादियों ने लोगों को चुनावों से दूर रखने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपनाए हैं। मगर यह भी सच है कि हर बार उन्हें मुंह की खानी पड़ी है और कश्मीर के लोगों ने बढ़चढ़ कर मतदान कर लोकतंत्र पर विश्वास जताया है। कुछ वर्ष पूर्व हुए पंचायत चुनाव में घाटी में अस्सी फीसद से भी अधिक रिकॉर्ड मतदान हुआ था। इससे विश्वभर में अलगाववादी बेनकाब हुए और यह संदेश गया कि कश्मीर के लोग हमेशा शांति के पक्षधर हैं। यह बात पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों को रास नहीं आई और चुनाव के बाद उन्होंने कई जगहों पर हमले कर पंच-सरपंचों की हत्या कर दी। विरोध में कई पंच-सरपंचों ने अपने पदों से त्यागपत्र भी दे दिया था। अच्छी बात है कि ढाई दशक के आतंकवाद के दौर से लोग त्रस्त हो चुके हैं। विगत वर्षों में कई बार ऐसा देखने को मिला है जब लोगों ने आतंकियों के खिलाफ प्रदर्शन किए। विडंबना यह है कि सरकार ऐसे लोगों को बढ़ावा और सुरक्षा नहीं दे सकी। राज्य सरकार को चाहिए कि वे इस प्रकार के हमले करने वाले इन तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई भी षडयंत्र नहीं रच सके। श्रीनगर और अनंतनाग संसदीय उपचुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है और मुख्य दलों के उम्मीदवारों ने अपने नामांकन भी भरना शुरू कर दिए हैं। ऐसे में लोग दोनों ही संसदीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदान के लिए आए, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। सर्वप्रथम लोगों में यह विश्वास उत्पन्न करना होगा कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं और यह तभी संभव होगा जब ऐसे हमलों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

[ स्थानीय संपादकीय : जम्मू-कश्मीर ]

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Web Title:Assault Worrisome(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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