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प्रार्थना

Publish Date:Sun, 27 Dec 2015 01:37 AM (IST) | Updated Date:Sun, 27 Dec 2015 01:40 AM (IST)
प्रार्थना
शुभ और अशुभ शक्तियां इस पूरे वातावरण में व्याप्त हैं। आप इनमें से क्या लेना चाहते हैं। अगर आप शुभ शक्ति लेना चाहते हैं तो अपने मन के भावों को उस दिशा में लगाएं। प्रार्थना में हम अ

शुभ और अशुभ शक्तियां इस पूरे वातावरण में व्याप्त हैं। आप इनमें से क्या लेना चाहते हैं। अगर आप शुभ शक्ति लेना चाहते हैं तो अपने मन के भावों को उस दिशा में लगाएं। प्रार्थना में हम अपने भावों को शुभ शक्तियों की ओर लगाते हैं। उनका आह्वान करते हैं, उन्हें अपनी ओर बुलाते हैं, उन्हें निमंत्रण देते हैं कि आप मेरी ओर आएं। कहते हैं जैसी चाह, वैसी राह। आप जो चाहते हैं, वही आपको मिलता भी है। आप बाजार में कपड़ा खरीदने जाते हैं, वहां किताब नहीं खरीद लेते, ठीक उसी तरह जब आप हंसना चाहते हैं, तभी हंसते हैं। क्रोध करना चाहते हैं, तभी क्रोध करते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि प्रयास किए बगैर क्रोध भी आपके पास नहीं आ सकता। आपके मन में काम का भाव तभी उत्पन्न होता है, जब आप काम के प्रति आसक्त होते हैं। अन्यथा हमेशा कोई भी व्यक्ति काम से या क्रोध से पीडि़त क्यों नहीं रहता? क्योंकि आप हमेशा पीडि़त रहना नहीं चाहते। जब आप चाहते हैं तभी वैसा बन जाते हैं। क्रोध करने के लिए भी आपको प्रयास करना पड़ता है। मुट्ठी बांधना, आंखें तरेरना, चेहरे को लाल करना, क्रोध लाने का बार-बार प्रयास करना। शांत व्यक्ति कभी क्रोध नहीं कर सकता। क्रोध करने के लिए उसे शांत होना छोडऩा पड़ेगा। इसलिए इस वातावरण में से हमें अपने मन के अनुकूल शुभ-अशुभ का चुनाव करना पड़ता है।

आपने हंसना चुन लिया तो तुरंत आपका मन भी वैसा बन गया। फिर रोना चुन लिया तो मन भी रोने की भावभूमि जैसा बन गया। प्रश्न है आप किन भावों को अपने पास बुलाते हैं। जिन भावों को आप निमंत्रण देकर बुलाएंगे वही भाव आपके पास आएंगे। इसलिए प्रार्थना में महत्वपूर्ण बात यह है कि हम एकाग्र, एकनिष्ठ और अनन्य भाव से केवल यही कामना करते हैं कि मुझे सुख हो, शांति हो, स्वास्थ्य प्राप्त हो। हमारे लिए जो-जो अच्छी बातें हैं, हम उन बातों को एकाग्र होकर परमात्मा की ओर प्रक्षेपित करते हैं। इस प्रक्षेपण से शुभ शक्तियां हमारी ओर आकर्षित होती हैं। हम केवल प्रार्थना के माध्यम से शुभ-शक्तियों को ही अपने पास बुलाते हैं। सच पूछा जाए, तो प्रार्थना शुभ शक्तियों का आमंत्रण है। हमारी जितनी अधिक गहरी प्रार्थना होगी, शुभ शक्तियां हमारी ओर उतनी ही तेजी से आएंगी।

[आचार्य सुदर्शन]

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Web Title:Prayer(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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