अपनी बात

  • निजी निवेश से सुधरेगा आर्थिक माहौल

    निजी निवेश से सुधरेगा आर्थिक माहौलUpdated on: Mon, 30 Jan 2017 12:38 AM (IST)

    यह बजट नोटबंदी के बाद और मोदी सरकार के सत्ता में आने के तकरीबन तीन साल पूरे होने के अवसर पर पेश होने जा रहा है।  और पढ़ें »

  • नई विश्व व्यवस्था की संभावना

    नई विश्व व्यवस्था की संभावनाUpdated on: Mon, 30 Jan 2017 12:37 AM (IST)

    दुनिया में बुनियादी बदलाव की पहली ठोस शुरुआत लगभग सौ साल पहले प्रथम विश्व युद्ध के बाद हुई थी जो तीस साल बाद द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के साथ पूरी हुई। और पढ़ें »

  • मौन प्रार्थना

    मौन प्रार्थनाUpdated on: Mon, 30 Jan 2017 12:37 AM (IST)

    मौन प्रार्थना का अर्थ है, अपने सकारात्मक विचारों को एकत्र कर किसी दिव्य प्रकाश युक्त बिंदु पर स्थिर करना। प्रार्थना में सबसे महत्वपूर्ण है, आपका सकारात्मक विचार। और पढ़ें »

  • सुधारों को गति देने का अवसर

    सुधारों को गति देने का अवसरUpdated on: Sun, 29 Jan 2017 01:12 AM (IST)

    आम बजट के रूप में मोदी सरकार के पास आर्थिक सुधारों के सिलसिले को और तेज करने का अवसर है। आम और खास लोग आम बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। और पढ़ें »

  • बहाने बताने वाला स्टार्टअप

    बहाने बताने वाला स्टार्टअपUpdated on: Sun, 29 Jan 2017 01:12 AM (IST)

    आइआइटी करके निकले तमाम छात्रों के दिमाग में कुछ न कुछ नया उपजता रहता है वैसे ही यह स्टार्टअप आइटीआइ करके निकले एक छात्र के दिमाग की उपज है। और पढ़ें »

  • भक्ति या मुक्ति

    भक्ति या मुक्तिUpdated on: Sun, 29 Jan 2017 01:11 AM (IST)

    मुक्ति न गृहस्थ को पहचानती है और न संन्यासी को। जिस मनुष्य के मन में मुक्ति की तीव्र इच्छा और ललक होगी उसे मुक्ति मिल जाएगी। फिर वह चाहे गृहस्थ हो या संन्यासी। और पढ़ें »

  • वाद-विवाद से संवाद की ओर

    वाद-विवाद से संवाद की ओरUpdated on: Sat, 28 Jan 2017 03:34 AM (IST)

    हालांकि सच यह है कि इस बार असहिष्णुता के कथित झंडाबरदारों को जयपुर के इस साहित्यक कुंभ में निमंत्रित ही नहीं किया गया था। और पढ़ें »

  • आइएसआइ का फैलता जाल

    आइएसआइ का फैलता जालUpdated on: Sat, 28 Jan 2017 03:22 AM (IST)

    बीते कुछ सालों में बड़ी संख्या में भारतीय खासकर गैर मुस्लिम आइएसआइ के एजेंट के रूप में काम करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं। और पढ़ें »

  • कसौटी पर एक और संसद सत्र

    कसौटी पर एक और संसद सत्रUpdated on: Fri, 27 Jan 2017 01:08 AM (IST)

    केंद्र एवं सभी राज्यों की सरकारें विधायी संस्थाओं के प्रति जवाबदेह हैं। संविधान ने सरकारों को संसदीय सदनों के प्रति जवाबदेह बनाया है। और पढ़ें »

  • अपनी भाषा की सच्ची चिंता

    अपनी भाषा की सच्ची चिंताUpdated on: Fri, 27 Jan 2017 01:08 AM (IST)

    हम भाषा को नहीं बनाते, भाषा हमें बनाती है। हिंदी और सभी भारतीय भाषाएं मूलत: अंग्रेजी के बढ़ते अधिकार और कई मामलों में एकाधिकार के कारण उपेक्षित होती जा रही हैं। और पढ़ें »

  • सार्थक जीवन

    सार्थक जीवनUpdated on: Fri, 27 Jan 2017 01:08 AM (IST)

    कर्मक्षेत्र में केवल कर्म ही किए जाते हैं। यहां पर कर्म का ही मूल्य होता है और कर्म से ही जीवन की परिभाषा बनती है। और पढ़ें »

  • गण पर हावी हो रहा तंत्र

    गण पर हावी हो रहा तंत्रUpdated on: Thu, 26 Jan 2017 12:59 AM (IST)

    भारत अपना 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इन लगभग सात दशकों की यात्रा में तंत्र ने सुनियोजित तरीके से गण को पीछे छोड़ दिया है। और पढ़ें »

  • असमानता बढ़ाने वाला विकास

    असमानता बढ़ाने वाला विकासUpdated on: Thu, 26 Jan 2017 12:59 AM (IST)

    दुनिया की एक फीसदी सबसे अमीर आबादी की संपत्ति का आंकड़ा बाकी 99 फीसदी आबादी की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है। और पढ़ें »

  • प्रेरणा

    प्रेरणाUpdated on: Thu, 26 Jan 2017 12:57 AM (IST)

    असल में हर व्यक्ति की अपनी सीमाएं और क्षमताएं होती हैं, लेकिन कई बार जीवन में विपरीत स्थिति आने पर व्यक्ति को अपनी क्षमताओं पर ही शंका होने लगती है। और पढ़ें »

  • एक साथ चुनाव की जरूरत

    एक साथ चुनाव की जरूरतUpdated on: Wed, 25 Jan 2017 01:25 AM (IST)

    एक साथ चुनाव कराने की स्थिति में संसदीय और विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे एक ही राजनीतिक दल के प्रत्याशियों के संयुक्त प्रचार से उनका खर्च कम से कम लगभग 40 प्रतिशत तक कम हो सकता है। और पढ़ें »

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