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दिल्‍ली सीरियल बम ब्‍लास्‍ट में एक दोषी को दस साल की सजा, दो आरोपी बरी

Publish Date:Thu, 16 Feb 2017 08:57 AM (IST) | Updated Date:Sat, 18 Feb 2017 07:52 PM (IST)
दिल्‍ली सीरियल बम ब्‍लास्‍ट में एक दोषी को दस साल की सजा, दो आरोपी बरीदिल्‍ली सीरियल बम ब्‍लास्‍ट में एक दोषी को दस साल की सजा, दो आरोपी बरी
दिल्‍ली के सरोजनी नगर बम ब्‍लास्‍ट में अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार दिया और बाकी दो अन्‍य को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इसमें 60 लोगों की जानें गई थी।

नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली की पटियाला हाउस ने कड़ी सुरक्षा के बीच चर्चित सरोजनी नगर बम ब्लास्ट पर अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया और बाकी दो अन्य को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। बता दें कि 29 अक्टूबर, 2005 को धनतेरस के मौके पर दिल्ली में हुए इस सीरियल ब्लास्ट में 60 लोगों की जानें गईं थी।

दिल्ली को दहलाने वाले इस आतंकी हमले का 11 साल बाद इंसाफ आया है। इस मामले में लश्कर ए तैयब्बा के कथित आतंकी तारिक अहमद डार सहित 3 लोगों पर देशद्रोह, हत्या जैसे संगीन वारदात में मुकदमा चलाया गया था।

इसी सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह इस पर फैसला सुनाने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए गुरुवार का दिन तय किया था। फैसला गुरुवार को दोपहर 12 बजे के बाद आने की उम्मीद है।

इस मामले में अक्टूबर, 2005 में धनतेरस के दिन सरोजनी नगर मार्केट में लश्कर के आतंकियों ने धमाका किया था। इसमें करीब 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उक्त अपराध के लिए तारीक अहमद, मोहम्मद हुसैन फैजली और मोहम्मद रफीक शाह को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2008 में अदालत ने तीनों पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ना, हत्या, हत्या के प्रयास और आ‌र्म्स एक्ट के तहत आरोप तय किए थे।

यहां पर बता दें कि 29 अक्टूबर, 2005 को दीपावली से 2 दिन पहले आतंकियों ने 3 बम धमाके किए थे। 2 धमाके सरोजनी नगर और पहाड़गंज जैसे मुख्य बाजारों में हुए, जबकि तीसरा धमाका गोविंदपुरी में एक बस में हुआ। इसमें 60 से अधिक लोग मारे गए, जबकि 210 लोग घायल हुए थे।

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यह भी जानें

-इस मामले में तारीक अहमद डार, मोहम्मद हुसैन फाजिली तथा मोहम्मद रफीक शाह के खिलाफ मामला चल रहा है।

-अदालत ने 2008 में मामले के आरोपी मास्टरमाइंट डार और अन्य दो के खिलाफ देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, साजिश रचने, हथियार जुटाने, हत्या तथा हत्या के प्रयास के आरोप तय किए थे।

-दिल्ली पुलिस ने डार के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था।

-चार्जशीट में उसके कॉल डिटेल का जिक्र किया गया, जिससे कथित तौर पर यह साबित हुआ कि वह लश्कर-ए-तैयबा के अपने आकाओं के संपर्क में था।

-पुलिस ने अक्टूबर 2005 में तीन जगहों- सरोजिनी नगर, कालकाजी और पहाड़गंज में हुए विस्फोटों के सिलसिले में तीन अलग-अलग मामला दर्ज किया था।

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Web Title:ncr 2005 Delhi serial blasts Accused Tariq Ahmed Dar sentenced to 10 years(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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