एसओएल के लिए निजी स्कूलों में नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र

Publish Date:Tue, 21 Mar 2017 01:00 AM (IST) | Updated Date:Tue, 21 Mar 2017 01:00 AM (IST)
एसओएल के लिए निजी स्कूलों में नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्रएसओएल के लिए निजी स्कूलों में नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एसओएल) इस साल निजी स्कूलों

अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली

दिल्ली विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एसओएल) इस साल निजी स्कूलों में अपने परीक्षा केंद्र नहीं बनाएगा। परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार उठ रहे सवालों के बाद डीयू प्रशासन ने यह फैसला लिया है।

पिछले तीन साल से ऐसा देखा जा रहा है कि एसओएल के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। हालांकि उसको रोकने के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं फिर भी पूरी सफलता नहीं मिली है। डीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है सत्र 2013-14 में नकलचियों की संख्या 3605 थी। 2014-15 में यह 38016 हो गई। 2015-16 में कुलपति के निर्देश पर एसओएल के चेयरमैन प्रो.सीएस दुबे की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स में कई स्कूलों के प्रिंसिपल और परीक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया। परीक्षा में चौकसी बरती और कड़ाई बरती गई। जिसके बाद 2015-16 में मात्र 1873 नकलची पकड़े गए।

विश्वविद्यालय प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि प्रतिवर्ष लगभग एक लाख छात्र परीक्षा देते हैं। हमें 175 परीक्षा केंद्रों की आवश्यकता होती है। पहले निजी स्कूलों में भी परीक्षा केंद्र बनाए जाते थे। इस वर्ष केंद्रीय विद्यालय और डीएवी ट्रस्ट के स्कूलों के सेंटर के अलावा यदि जरूरत पड़ी तो एसओएल दिल्ली सरकार के स्कू लों में परीक्षा के प्रबंध करेगा लेकिन निजी स्कूलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाएगा। डीयू के डीन एक्जामिनेशन ने भी कॉलेजों के प्रिंसिपल को लिखकर स्पष्ट कर दिया है कि प्रत्येक कॉलेज अब अपने यहां एनसीवेब और एसओएल की परीक्षा आयोजित करने के लिए मना नहीं करेगा। इस वर्ष एसओएल की परीक्षा 11 मई से 30 जून तक आयोजित होगी। इससे पहले ही डीयू हर तरह से चौकस हो जाना चाहता है।

ज्ञात हो कि विगत वर्ष एसओएल परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने में डीयू की काफी बदनामी हुई यही नहीं कुछ लोगों को पर मामला भी दर्ज हुआ है और पुलिस इसकी गहराई से छानबीन कर रही है। इस मामले में एक प्रोफेसर की संलिप्तता की भी सूचना है।

धन है फिर भी परीक्षा निरीक्षकों को पैसा नहीं

एसओएल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पिछले तीन साल में स्कूल ऑफ ओपन लर्निग ने क्रमश: पांच करोड़ रुपये नामांकन शुल्क व 35 से 41 करोड़ परीक्षा के लिए दिया है। लेकिन फिर भी परीक्षा निरीक्षकों को काफी कम पैसा दिया जाता है। परीक्षा निरीक्षक को प्रतिदिन 200 और केंद्र अधीक्षक को 300 रुपये प्रतिदिन दिया जाता है। लेकिन इस बार एसओएल ने डीयू प्रशासन को यह प्रस्ताव दिया है कि वह इसे क्रमश: 500 और 800 रुपये प्रतिदिन करें।

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