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विराट, रोहित या धवन नहीं, इस खिलाड़ी की बदौलत टीम इंडिया को मिल रही है सफलता

Publish Date:Sat, 17 Jun 2017 11:08 AM (IST) | Updated Date:Sun, 18 Jun 2017 02:49 PM (IST)
विराट, रोहित या धवन नहीं, इस खिलाड़ी की बदौलत टीम इंडिया को मिल रही है सफलताविराट, रोहित या धवन नहीं, इस खिलाड़ी की बदौलत टीम इंडिया को मिल रही है सफलता
भारतीय टीम लगातार दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गई है। टीम इंडिया के यहां तक पहुंचने के पीछे इस खिला़ड़ी का बहुत बड़ा हाथ है।

बर्मिघम, अभिषेक त्रिपाठी। अगर भारतीय टीम के सबसे सफल कप्तानों की बात की जाए तो दिमाग में सिर्फ दो ही नाम आते हैं एक महेंद्र सिंह धौनी और दूसरा सौरव गांगुली। गांगुली तो अब रिटायर हो चुके हैं, लेकिन धौनी एक क्रिकेटर के तौर वनडे व टी-20 खेल रहे हैं। उन्होंने भले ही आधिकारिक तौर पर कप्तानी छोड़ दी हो, लेकिन मैदान में वह कप्तान विराट कोहली के बहुत काम आ रहे हैं। जब भी विराट कहीं फंसते हैं या उन्हें जरूरत होती है तो धौनी का दिमाग फटाक से चलता है। जब भी मैदान पर कुछ अहम फैसले होते दिखें तो सबको समझ जाना चाहिए कि यह सुझाव धौनी की तरफ से आया होगा। ऐसा ही पहले सचिन तेंदुलकर के साथ होता था। वह कप्तान नहीं होने के बावजूद तत्कालीन कप्तानों धौनी, राहुल द्रविड़, गांगुली, कुंबले और अजहरुद्दीन को सलाह देते थे जिससे टीम का फायदा होता था।

बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में भी ऐसा ही देखने को मिला। बांग्लादेशी टीम जब बल्लेबाजी कर रही थी तब बुमराह लंबी गेंद फेंक रहे थे। उन्हें एक -आध चौका भी पड़ा। जब वह पारी का छठा ओवर फेंकने आ रहे थे तो धौनी उनके पास गए और उनसे कुछ कहा। इसके बाद बुमराह ने यह ओवर मेडन फेंका। जब बुमराह से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्विंग नहीं मिल रही है और मैं उसी लाइन पर गेंदबाजी कर रहा था। धौनी भाई ने मुझसे गेंद को थोड़ा छोटा करके विकेट टू विकेट फेंकने को कहा। इसके बाद मुझे दो विकेट भी मिले। इस मैच में विराट ने केदार जाधव से भी गेंदबाजी कराई तो उसके पीछे भी धौनी का दिमाग था।

विराट से जब पूछा कि जाधव को गेंदबाजी कराने के पीछे आपकी क्या सोच थी तो उन्होंने कहा कि हार्दिक तीन ओवर फेंक चुका था और हम उसे ब्रेक देना चाहते थे। इसके लिए हम केदार को लाए, लेकिन हमें दो विकेट मिल गए जो बोनस की तरह थे। उस समय बायें हाथ के बल्लेबाज खेल रहे थे इसलिए हमें पता था कि जाधव दो-तीन डॉट गेंद फेंक सकता है, लेकिन उसने पूरा खेल ही बदल दिया। मैं इसका पूरा श्रेय नहीं लेना चाहूंगा क्योंकि मैंने इसके बारे में धौनी से पूछा था और फिर हम दोनों ने मिलकर यह फैसला लिया।

धौनी जब भी मौका मिलता है तभी वो कप्तानी के मूड में आ जाते थे। ऐसा ही क्षेत्ररक्षण करते समय आठवें ओवर में दिखाई दिया। इस ओवर की आखिरी गेंद पर उन्होंने धवन को स्लिप से हटाकर कवर पर लगाया और थर्ड मैन को थोड़ा फाइन होने का इशारा किया। जब जाधव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरे और धौनी भाई में एक अलग तरह की समझ है। जब मैं गेंदबाजी करता हूं और वह विकेटकीपिंग कर रहे होते हैं तो उनके इशारों को मैं आसानी से समझ जाता हूं। वह जो भी सलाह देते हैं उसे निभाने की कोशिश करता हूं। वह अनुभवी कप्तान हैं और उन्हें पता है कि किस बल्लेबाज के सामने कैसी गेंदबाजी करनी है और इसका फायदा पूरी टीम को मिलता है।’

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Web Title:MS Dhoni brain worked behind the success of Team India in Champions Trophy(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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