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सिर्फ 10 रन देकर अकेले पूरी टीम को किया आउट, ये है क्रिकेट का सबसे लाजवाब रिकॉर्ड

Publish Date:Wed, 12 Jul 2017 06:06 PM (IST) | Updated Date:Thu, 13 Jul 2017 10:02 AM (IST)
सिर्फ 10 रन देकर अकेले पूरी टीम को किया आउट, ये है क्रिकेट का सबसे लाजवाब रिकॉर्डसिर्फ 10 रन देकर अकेले पूरी टीम को किया आउट, ये है क्रिकेट का सबसे लाजवाब रिकॉर्ड
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सभी पुराने रिकॉर्ड इस गेंदबाज के एक पुराने के सामने बौने नजर आते हैं।

नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। ज्यादातर क्रिकेट फैंस एक पारी में गेंदबाजी के सबसे शानदार रिकॉर्ड के रूप में दो ही आंकड़ों से वाकिफ हैं। पहला- इंग्लैंड के जिम लेकर द्वारा 1956 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट लेने का कमाल। दूसरा- अनिल कुंबले द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ (1999) दिल्ली में एक पारी में 74 रन देकर 10 विकेट लेने वाला एतिहासिक प्रदर्शन..लेकिन बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में इन दोनों ही गेंदबाजों के ये रिकॉर्ड एक पुराने रिकॉर्ड के आगे बौने नजर आते हैं। वो रिकॉर्ड आज ही के दिन बनाया गया था।

- 12 जुलाई 1932, वो एतिहासिक दिन

आज से 85 साल पहले वो आज ही का दिन था जब प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच में एक खिलाड़ी ने वो रिकॉर्ड बना डाला जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल था। एक ऐसा रिकॉर्ड जिसके आसपास पहुंचना भी नामुमकिन सा नजर आता है। इंग्लैंड में हुआ वो मैच था दो प्रतिष्ठित इंग्लैंड काउंटी टीमों- यॉर्कशर और नॉटिंघमशर के बीच। मैच की पहली पारी में नॉटिंघमशर ने 234 रन बनाए। जवाब में यॉर्कशर की टीम ने नौ विकेट पर 163 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इसके बाद जब दूसरी पारी में नॉटिंघमशर की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो उसके होश उड़ गए।

(फोटो सौ. यॉर्कशरसीसीसीसी.कॉम)

- वेरिटी की करिश्माई गेंदबाजी

उस दिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट इतिहास का सबसे लाजवाब रिकॉर्ड बनाने का कमाल जिस खिलाड़ी ने किया था, वो थे हेडली वेरिटी। इस गेंदबाज ने पहली पारी में 64 रन देकर 2 विकेट लिए थे..लेकिन दूसरी पारी में वेरिटी ने सबको सन्न कर दिया। वेरिटी ने इस पारी में 19.4 ओवर गेंदबाजी की जिस दौरान कुल 10 रन देकर सभी 10 विकेट ले डाले। इस दौरान आठ खिलाड़ियों को उन्होंने दहाई का आंकड़ा तक पार नहीं करने दिया जिसमें से छह बल्लेबाज को शून्य पर ही पवेलियन लौट गए। नतीजतन नॉटिंघमशर की पूरी टीम 67 रन पर ही सिमट गई। यॉर्कशर को 139 रन का लक्ष्य मिला जो उनके दोनों ओपनर्स ने ही हासिल कर लिया और वे 10 विकेट से जीतने में सफल रहे।

- बिना रन गए इतने ओवर

इस पारी में वेरिटी के आंकड़े इसलिए भी और दिलचस्प रहे क्योंकि 19.4 ओवर की अपनी गेंदबाजी के दौरान उन्होंने 16 ओवर मेडन फेंके। अपने इस करिश्माई प्रदर्शन के दौरान इस गेंदबाज ने आठ बल्लेबाजों को कैच आउट कराया, जबकि एक खिलाड़ी स्टंप हुआ और एक एलबीडब्ल्यू। 

- एक साल पहले भी किया था ऐसा ही कमाल

वेरिटी के इस बेमिसाल रिकॉर्ड से पहले शायद ही उस मैच में किसी को अंदाजा था कि ऐसा भी कुछ मुमकिन है लेकिन एक हकीकत ये भी थी कि सभी जानते थे कि वेरिटी इसमें सक्षम हैं। इसकी वजह थी एक साल पहले इस काउंटी क्रिकेट में वॉरविकशर के खिलाफ हुआ मुकाबला जहां वेरिटी ने एक पारी में 36 रन देकर 10 विकेट लिए थे। टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो अपने देश की तरफ से खेलते हुए वेरिटी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1934 में देखने को मिला था। उस मैच में वेरिटी ने एक पारी में 22.3 ओवर करते हुए 43 रन देते हुए 8 विकेट हासिल किए थे।

- विश्व युद्ध के दौरान हो गई थी मौत

किसी ने सोचा नहीं था कि क्रिकेट में गजब के रिकॉर्ड बनाने वाला ये महान खिलाड़ी दर्दनाक रूप में दुनिया को अलविदा कह देगा। दरअसल, हेडली एक सैनिक भी थे और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान लड़ते हुए इटली में वो घायल हो गए थे। उन्हें इटली में बंदी बना लिया गया था और 31 जुलाई 1943 को उनकी मौत कैद में ही हो गई थी। हेडली उस समय 38 साल के थे।

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Web Title:Jagran Special Hedley Verity historical ten wicket haul against Nottinghamshire(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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