यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नोटबंदी के बीच बड़ी राहत, अब 2000 रुपये तक के कार्ड पेमेंट पर नहीं देना होगा सर्विस टैक्स
कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने 2,000 रुपए तक के कार्ड पेमेंट पर सर्विस टैक्स खत्म किए जाने का ऐलान किया है

नई दिल्ली: नोटबंदी के बीच आम जनता के लिए एक राहतभरी खबर आई है। कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने 2,000 रुपए तक के कार्ड पेमेंट पर सर्विस टैक्स खत्म किए जाने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि नोटबंदी के फैसले से होने वाली लोगों क दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने लोगों के कैशलेस ट्रांजेक्शन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की थी। गौरतलब है कि नोटबंगदी का फैसला बीते 8 नवंबर को लिया गया था।
अब आपको डेबिट या क्रेडिट कार्ड से 2,000 रुपए तक के पेमेंट पर सर्विस टैक्स नहीं देना होगा। अभी डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर 14 फीसदी का सर्विस टैक्स वसूला जाता है। इस लिहाज से 2,000 रुपए के हर पेमेंट पर आपको 280 रुपए बचेंगे। इसे आम जनता के लिए एक बड़ी राहत माना जा सकता है।
दरअसल, सरकार काले धन के खिलाफ लड़ाई लड़ने की दिशा में नगदी के माध्यम से होने वाले लेन-देन की जगह डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के तौर-तरीकों पर जोर दे रही है। इसके लिए सरकार ऑनलाइन और कार्ड पेमेंट जैसे विभिन्न विकल्पों को सुविधाजनक और आकर्षक बनाने में भी जुटी है।
कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहन के लिए आगे आया मास्टर कार्ड
देश में नकद भुगतान को सीमित करने और कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए कार्ड पेमेंट संचालन करने वाली कंपनियां भी जुट गई हैं। खुदरा विक्रेताओं के बीच कार्ड पेमेंट को लोकप्रिय बनाने के लिए अमेरिकी कंपनी मास्टर कार्ड भी इस अभियान का हिस्सा बनी है। कंपनी खुदरा विक्रेताओं के साथ मिलकर न केवल डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान लेने को प्रोत्साहित करेगी बल्कि उसके फायदे भी बताएगी।
