यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोदी सरकार ने फ्रीज किए दो लाख बैंक अकाउंट, संदिग्ध शेल कंपनियों से जुड़े होने का शक
वित्त मंत्रालय ने करीब दो लाख कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर दिया है

नई दिल्ली (पीटीआई)। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को करीब 2,09,032 कंपनियों के खातें और पंजीकरण रद्द कर दिये हैं। सरकार ने यह कदम कंपनीज एक्ट के सेक्शन 248 (5) के तहत उठाया है। इन कंपनियों के मौजूदा डायरेक्टर्स और ऑर्थराइज्ड सिग्नेटरीज अब एक्स डायरेक्टर्स और एक्स ऑर्थराइज्ड सिग्नेटरीज बन गए हैं। इस फैसले के बाद से डायरेक्टर्स के सभी अधिकारों को खत्म कर दिया गया है।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के आदेश के बाद कंपनी एक्ट के सेक्शन 252 के तहत लोग इन कंपनियों के बैंक खातों को तब तक ऑपरेट नहीं कर सकते जब तक कि इन्हें कानूनी की ओर से इजाजत नहीं मिलती। सरकार ने अपने बयान में बताया है कि इन करीब दो लाख कंपनियों के खातों को रजिस्टर ऑफ कंपनी की सूची से हटा दिया गया है। जिन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है इनकी पूरी लिस्ट कॉरपोरेट मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। फाइनेंशियल सर्विसेज के विभाग ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के जरिए सभी बैंकों को नसीहत दी है कि वे वित्त मंत्रालय की ओर से शेल कंपनियों के खातों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दें।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सरकार कई शेल कंपनियों के खिलाफ शिकंजा कस चुकी है, जिनमें से अधिकांश को नोटिस भी भेजा गया था।
