यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जीएसटी मॉडल कानून का मसौदा हुआ तैयार, काउंसिल की अगली बैठक 4 मार्च को
जीएसटी मॉडल कानून के मसौदे पर कानून मंत्रालय ने मुहर लगा दी है। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 4-5 मार्च को होगी

नई दिल्ली (जागरण ब्यूरो)। एक जुलाई, 2017 से बहु-प्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने की दिशा में एक और अहम पड़ाव पार होने वाला है। जीएसटी मॉडल कानून के मसौदे पर कानून मंत्रलय ने मुहर लगा दी है। अब जीएसटी काउंसिल 4-5 मार्च को होने वाली बैठक में इसे अंतिम रूप दे देगी। इसके बाद सरकार केंद्रीय जीएसटी के विधेयक को नौ मार्च से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश कर पारित कराने का प्रयास करेगी। वहीं राज्य भी अपनी-अपनी विधान सभाओं में राज्य जीएसटी विधेयक को पारित कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
वित्त मंत्रलय के सूत्रों ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की 11वीं बैठक में इस मॉडल कानून के पूर्ण मसौदे को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कानून मंत्रलय ने 11 फरवरी को जीएसटी मॉडल कानून को पहली बार कानूनी कसौटी पर परखा। उसके बाद 13 फरवरी से फिर यह प्रक्रिया दोहराई गई। इस दौरान पूरा जोर इस पर रहा कि जीएसटी मॉडल कानून के प्रस्तावित प्रावधान कानून सम्मत हैं या नहीं।
यह घटनाक्रम इसलिए अहम है, क्योंकि अब तक जीएसटी काउंसिल की बैठकों में जीएसटी के सिर्फ निश्चित प्रावधानों पर ही चर्चा होती थी। आगामी बैठक में इस पर समग्रता से विचार किया जाएगा। सरकार ने 26 नवंबर, 2016 को जीएसटी कानून का संशोधित मसौदा जनता की प्रतिक्रिया के लिए रखा था। इसके बाद जीएसटी काउंसिल के सचिवालय ने इसमें कई सुधार किए हैं।
काउंसिल से मंजूरी मिलने के बाद सरकार इस मॉडल कानून को संसद से मंजूरी दिलाएगी। केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी कानूनों के प्रावधान समान होंगे। इसलिए काउंसिल जिस मॉडल विधेयक के मसौदे को मंजूरी देगी, उसे ही राज्य विधानसभाएं पारित करेंगी।
काउंसिल की उदयपुर में हुई 10वीं बैठक में जीएसटी टिब्यूनल जैसे अहम प्रावधानों को मंजूरी दी गई थी। हालांकि कुछ बिंदुओं पर केंद्र और राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। इसके चलते जीएसटी मॉडल कानून के मसौदे को अगली बैठक में रखने का फैसला किया गया था।
