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आयकर विभाग के नोटिस से सकते में कर चोर

Publish Date:Wed, 12 Oct 2016 01:40 PM (IST) | Updated Date:Wed, 12 Oct 2016 01:42 PM (IST)
आयकर विभाग के नोटिस से सकते में कर चोर
इनकम डिस्क्लोजर स्कीम (IDS) के खत्म होने के बाद आयकर विभाग के नोटिस ने कर चोरों (कालाधन रखने वालों) की नींद उड़ा दी है।

नई दिल्ली: इनकम डिस्क्लोजर स्कीम (IDS) के खत्म होने के बाद आयकर विभाग के नोटिस ने कर चोरों (कालाधन रखने वालों) की नींद उड़ा दी है। आपको बता दें कि करीब दस दिन पहले आयकर विभाग की जांच इकाई ने पांच लोगों को नोटिस भेजकर यह कहा था कि वो टैक्स हेवेन देशों (जर्सी, गुएर्नसे, आइल ऑफ मैन और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स) में अपनी विदेशी कंपनियों और वित्तीय ढांचे के बारे में जानकारी दें। इनकम टैक्स की धारा 131 के तहत भेजा गया यह नोटिस छिपाई गई आमदनी के राज उगलवाने से जुड़ा हुआ है।

आयकर विभाग के इस कदम से उड़ी टैक्स चोरों की नींद:

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक आयकर विभाग की तरफ से उठाए गए इस कड़े कदम से नोटिस पाने वाले लोगों और उनके वित्तीय सलाहकारों की नींद उड़ गई है। वो यह बात समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर टैक्स विभाग के अधिकारियों को इतनी सब जानकारियां मिली कैसे हैं।

कुछ टैक्स हेवेन देशों के साथ भारत ने भले ही सूचना साझेदारी से जुड़े समझौते किए हों लेकिन किसी भी देश का टैक्स विभाग इन टैक्स हेवेन देशों से उसी सूरत में सूचना हासिल कर सकता है जब वह अपने देश में टैक्स कानून के उल्लंघन के संदेह में किसी व्यक्ति के बारे में खास सवाल करे।

कर चोरों के सामने अजीब मुश्किल:

आपको बता दें कि जिन पांच लोगों को कर विभाग की तरफ से नोटिस भेजा गया है वो अजीब मुश्किल में हैं। दरअसल टैक्स अधिकारियों को सूचना मिली थी कि इन पांचों लोगों की टैक्स हेवेन देशों (जर्सी, गुएर्नसे, आइल ऑफ मैन और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स) में कंपनियां और ट्रस्ट स्ट्रक्चर्स हैं। विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें किसी तरह बस सूचना मिली थी, लेकिन उन्हें इसके स्रोत का पता नहीं चला है।

विभाग इस कदम से ऐसे लोगों में खलबली मची हुई है जिन्होंने आईडीएस (इनकम डिस्क्लोजर स्कीम) के तहत अपनी अघोषित आय का खुलासा नहीं किया है। कर चोरों की मुश्किल यह है कि वो इस दलील पर अपना बचाव भी नहीं कर सकते हैं कि सूचना चुराई गई है और इसे अदालत में सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता है, क्योंकि जो सूचना अधिकारियों को मिली है वो किसी भी लीक हुए डेटा पर आधारित नहीं है।

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Web Title:Black money holders amazed after it department seeks information about them(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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