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मैदान के अभाव में बेमानी बनी खेल की घंटी

Publish Date:Sat, 26 Nov 2016 05:33 PM (IST) | Updated Date:Sat, 26 Nov 2016 05:33 PM (IST)
मैदान के अभाव में बेमानी बनी खेल की घंटी
रोहतास। सरकारी विद्यालयों में खेल मैदान के अभाव में कई विद्यालयों के बच्चे खेल का आनंद नहीं

रोहतास। सरकारी विद्यालयों में खेल मैदान के अभाव में कई विद्यालयों के बच्चे खेल का आनंद नहीं उठा पा रहे हैं। खेल की घंटी भी उनके लिए बेमानी बन गई है। विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा का पाठ्यक्रम लागू तो कर दिया गया है, परंतु प्रखंड के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में खेल का मैदान है ही नहीं।

शिक्षा अधिकारियों के अनुसार प्रखंड के एक ही मध्य विद्यालय में खेल का मैदान है। जिसके कारण अन्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा का पाठ्यक्रम बेमानी हो गया है। विद्यालयों में खेल का मैदान नहीं होने के कारण अधिकांश बच्चे खेल से वंचित रह जाते हैं। कई मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक की बहाली भी हुई है। लेकिन वे खेलकूद छोड़ अन्य विषय पढ़ाते हैं। बीईओ देवनाथ ¨सह का कहना है कि विद्यालयों के पास भूमि की कमी है। ऐसे विद्यालयों के आसपास न तो सरकारी जमीन है, और न ही कोई अपनी निजी जमीन दे रहा है। विभाग चाहकर भी खेल का परिसर उपलब्ध नही करा पा रहा है।

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Web Title:no bell of khel in school(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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