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इंद्रपुरी जलाशय परियोजना निर्माण की कवायद तेज

Publish Date:Mon, 24 Aug 2015 06:23 PM (IST) | Updated Date:Mon, 24 Aug 2015 06:23 PM (IST)
इंद्रपुरी जलाशय परियोजना निर्माण की कवायद तेज
रोहतास। चिर लंबित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के निर्माण में जारी गतिरोध को दूर करने की दि

रोहतास। चिर लंबित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के निर्माण में जारी गतिरोध को दूर करने की दिशा में कवायद तेज कर दी गई है। आठ जिलों की जीवन रेखा मानी जाने वाली सोन नहर प्रणाली को जीवंत रखने हेतु चार दशक पूर्व अनुमंडल क्षेत्र के मटियांव के पास प्रस्तावित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु अभियंताओं द्वारा स्थल का जायजा लेने के बाद उसके निर्माण के आसार जगने लगे हैं।

सोन नहर प्रणाली को आश्वकतानुसार पानी उपलब्ध कराने हेतु 1986 में इंद्रपुरी जलाशय (पूर्ववर्ती नाम कदवन जलाशय) की जरूरत महसूस की गई। पूर्व सांसद अवधेश ¨सह के आग्रह पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पहल की । आरंभिक कार्य हेतु 30 करोड़ की राशि का आवंटन किया गया। 12 जनवरी 1990 को तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्?नाथ मिश्र ने गढ़वा जिले के कदवन में इस जलाशय परियोजना का शिलान्यास किया। डेहरी व अब झारखंड के गढ़वा में इसके लिए कार्यालय भी खुले। अधिकारी व कर्मचारी भी पदस्थापित किए गए। बिहार राज्य के पुनर्गठन के बाद इसका नाम बदलकर इंद्रपुरी जलाशय परियोजना कर दिया गया। इस जलाशय का डूब क्षेत्र बिहार के रोहतास के अलावा झारखंड व उत्तरप्रदेश में पड़ता है। उत्तरप्रदेश द्वारा डूब क्षेत्र के संबंध में जलाशय के उंचाई पर आपत्ति जताने के कारण मामला अधर में लटका रहा। उत्तरप्रदेश की आपत्ति पर 169 मीटर से 173 मीटर के बीच एक-एक मीटर के अंतराल पर सर्वे कराने का निर्णय लिया गया। सर्वे की जिम्मेवारी बिहार सरकार द्वारा पूर्वी उत्तरप्रदेश भू -स्थानीय आंकड़ा केंद्र, लखनऊ को सौंपी गई। सर्वे का कार्य पूर्ण हो गया है।

केंद्र में एनडीए सरकार बनने के बाद सांसद व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा, बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे व आरा के सांसद आरके ¨सह ने इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी से पहल कर तीनों राज्यों की बैठक बुला आपत्तियों का निराकरण करने की मांग की गई। इस परियोजना को ले बिहार सरकार भी सक्रिय हो गई। गत वर्ष 24 नवंबर को जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने मुख्य अभियंता को डूब क्षेत्र व वन विभाग की भूमि का जायजा लेने का निर्देश दिया। साथ ही इस परियोजना की बाधाओं को दूर करने के लिए कहा।

कहते हैं अभियंता

केंद्रीय जल आयोग के निर्देश ने इस परियोजना के संबंध में अद्यतन रिपोर्ट मांगी है। जिसे लेकर मुख्य अभियंता द्वारा कार्यपालक अभियंता ओमप्रकाश के नेतृत्व में टीम गठित कर दो दिन पूर्व परियोजना स्थल व आसपास के गांवों का सर्वे किया गया। रिपोर्ट जल आयोग को भेजी जाएगी। परियोजना पूर्ण होने पर 450 मेगावाट विद्युत का उत्पादन भी होगा।

महेंद्र राम

सहायक अभियंता सह ओएसडी

मुख्य अभियंता

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Web Title:Indrapuri reservoir project construction drill fast(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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