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इन्द्रपुरी जलाशय परियोजना निर्माण की कवायद तेज

Publish Date:Wed, 05 Apr 2017 06:05 PM (IST) | Updated Date:Wed, 05 Apr 2017 06:05 PM (IST)
रोहतास। सोन नहर प्रणाली को जीवंत बनाने के लिए चिरलंबित इन्द्रपुरी जलाशय (पूर्ववर्ती कदवन जलाशय) का डीपीआर बनाने का कार्य जल्द प्रारंभ होगा डीपीआर तैयार करने को लिए जल संसाधन विभाग

रोहतास। सोन नहर प्रणाली को जीवंत बनाने के लिए चिरलंबित इन्द्रपुरी जलाशय (पूर्ववर्ती कदवन जलाशय) का डीपीआर बनाने का कार्य जल्द प्रारंभ होगा डीपीआर तैयार करने को लिए जल संसाधन विभाग ने एजेंसी तय करने की निविदा भी निकाल दी है। इसके लिए चार कंपनियां सामने आई हैं। जिसमें से दो निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि निर्माण स्थल मठियाव का दौरा कर भी चुके हैं। उम्मीद है कि इस माह डीपीआर तैयार करने को विभाग द्वारा एजेंसी तय कर दी जाएगी । जिसके बाद परियोजना निर्माण की दिशा में कार्य तेज कर दिया जाएगा।

गत 14 फरवरी को परियोजना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के आठ जिलों की जीवन रेखा सोन नहर प्रणाली को जीवंत रखने के लिए इन्द्रपुरी जलाशय परियोजना का कार्य समय से पूरा कराने का निर्देश जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारियों को दिया था। जिसके बाद विभाग ने इस दिशा में कार्य तेज कर दिया है।

जगमग होंगे कई गांव :

परियोजना के मूर्तरूप लेने से न सिर्फ ¨सचाई की समस्या दूर होगी, बल्कि राज्य में बिजली की समस्या दूर करने में भी काफी सहायता मिलेगी। इस जलाशय से 450 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा। जिससे यहां के पहाड़ी गांव भी बिजली से रोशन होंगे।

सचिव ने दिया निर्देश :

जल संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव (अभियंत्रण) ने गत छह फरवरी को दिल्ली में सीडब्ल्यूसी द्वारा आयोजित तीन राज्यों बिहार ,झारखंड व उत्तर प्रदेश के साथ बैठक में लिए गए निर्णय की प्रति भेज कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। उत्तरप्रदेश से अनापत्ति को लेकर इस परियोजना का मामला 40 वर्षों से अधर में लटका था। जबकि 12 जनवरी 1990 को तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र ने पलामू जिले के कदवन के पास इस परियोजना का शिलान्यास भी कर दिया था।

प्रारंभिक कार्य के लिए मिले थे 30 करोड़ :

इसके प्रारंभिक कार्य के लिए केंद्र सरकार ने 30 करोड़ रुपये भी जारी किया था। जलाशय के दोनों ओर यानि पलामू व इन्द्रपुरी में उस समय इसके कार्यालय भी खुले थे। । फिलवक्त इस जलाशय के कार्य को जल संसाधन विभाग इद्रपुरी बराज के कार्यपालक अभियंता देख रहे हैं।

एक बार फिर जगी आस :

राज्य सरकार ने पहल प्रारंभ किया तो जल संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव ने हाल ही में मुख्य अभियंता को पत्र लिख गत छह फरवरी को दिल्ली में केंद्रीय जल आयोग की बैठक में लिए गए की निर्णय की जानकारी के साथ निर्देश भी दिया। पत्र के अनुसार उक्त बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने इंद्रपुरी जलाशय के फुल रिजरवायर लेवल (एमडब्ल्यूएल ) 171.00 रखने पर सहमति जता दी है। इस परियोजना का टीओआर ( ट‌र्म्स ऑफ रेफरेंस ) यहां के मुख्य अभियंता रामेश्वर चौधरी की देखरेख में तैयार कर विभाग को सौंप दिया गया है। टीओआर सौंपने के बाद विभाग ने डीपीआर बनाने को एजेंसी तय करने के लिए निविदा निकाली है।

कहते हैं अधिकारी :

मुख्यालय द्वारा डीपीआर तैयार करने को एजेंसी तय करने के लिए निविदा निकाल दी गई है। चार कंपनियों ने डीपीआर तैयार करने की इच्छा जताई है। दो एजेंसी के प्रतिनिधियों ने निर्माण स्थल का दौरा भी कर लिया है। उम्मीद है कि इस माह डीपीआर तैयार करने के लिए एजेंसी तय कर ली जाएगी। इसके निर्माण होने से राज्य के आठ जिलों में फैले सोन नहर प्रणाली को सालों भर पानी मिलेगा। वहीं 450 मेगावाट विद्युत उत्पादन भी होगा।

ओम प्रकाश, कार्यपालक अभियंता

इंद्रपुरी बराज, डेहरी।

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Web Title:acton for indrapuri dam(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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