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खेल मैदान मांग रहा अपने दर्द का हिसाब

Publish Date:Wed, 23 Apr 2014 09:51 PM (IST) | Updated Date:Wed, 23 Apr 2014 09:51 PM (IST)
खेल मैदान मांग रहा अपने दर्द का हिसाब

संवाद सूत्र, अकोढ़ीगोला (रोहतास) : खेल के माध्यम से दर्जनों युवाओं को देश की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार सैनिक बनाने वाला प्रखंड का एक मात्र प्रेमनगर खेल मैदान उपेक्षा का शिकार बन गया है। यह मैदान इन दिनों एसएफसी का धान भंडारण केन्द्र बना है। जिससे युवाओं के खेल पर ब्रेक लग गया है।

बताते चले कि इस मैदान से उभरे क्रिकेट, खो-खो, कबड्डी, फुटबाल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा की बदौलत प्रखंड को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। एक दशक पूर्व इस मैदान में खिलाड़ियों का सुबह-शाम जमघट लगा रहता था और रूचि के अनुसार अपने खेल का अभ्यास करती थी। राजेश कुमार, प्रियरंजन सिंह समेत कई युवा इसी मैदान में दौड़ लगाते हुए सुरक्षा बल के जवान के रूप में देश के लिए चयनित किये गए। 2009 में खिलाड़ी व खेल प्रेमियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर स्टेडियम निर्माण की मांग की थी। अगस्त 2011 में कला संस्कृति व युवा विभाग द्वारा 33 लाख 21 हजार की लागत से स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। तब खिलाड़ियों को लगा था कि उन्हें अब बेहतर खेल मैदान मिलेगा, किन्तु निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा रहा। राष्ट्रीय खो-खो खिलाड़ी नेहा नाजनीन कहती हैं कि प्रतिभा को उभारने के लिए बेहतर खेल मैदान का होना जरूरी है। परन्तु यहां अधिकारियों के नकारात्मक रवैये से खिलाडि़यों के सपने पर ब्रेक लग गया है। खिलाड़ी रौशन कुमार, सुनीता कुमारी का कहना है कि स्टेडियम के आधे हिस्से में धान रख दिया गया है। ऐसे में खिलाड़ी अभ्यास करने कहां जाए। कार्य एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग एक के प्राक्कलन अधिकारी मो.अब्दुल जब्बार का कहना है कि स्टेडियम निर्माण में अब तक 20 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जो खर्च हो चुकी है। राशि के अभाव में कार्य बंद है। राशि प्राप्त होते ही निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

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    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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