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लालू एंड फैमिली, जानिए चारा से मॉल घोटाले तक की कहानी

Publish Date:Tue, 16 May 2017 03:43 PM (IST) | Updated Date:Tue, 16 May 2017 10:52 PM (IST)
लालू एंड फैमिली, जानिए चारा से मॉल घोटाले तक की कहानीलालू एंड फैमिली, जानिए चारा से मॉल घोटाले तक की कहानी
चारा घोटाले से बदनाम हुए राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का घोटालों से नाता लगातार सामने आ रहा। पहले तो आरोप लालू पर ही लगे लेकिन अब आरोप उनके बच्चों पर है।

 पटना [जेएनएन]। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से जुड़े 22 ठिकानों पर मंगलवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि ये छापेमारी लालू परिवार पर लगाई गई बेनामी संपत्ति मामले के आरोपों के आधार पर की गई है। इससे पहले लालू यादव चारा घोटाला मामले में भी फंसे हुए हैं जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द से जल्द ट्रायल चलाने का आदेश दिया है।

गलत तरीके से जमीन के खरीद-फरोख्त का आरोप

दरअसल लालू यादव के बेटे-बेटियों पर गलत तरीके से जमीन की खरीद फरोख्त के आरोप हैं। लालू के परिवार पर बेनामी संपत्ति से लेकर जमीनों की गलत तरीके से खरीद-फरोख्त के कई आरोप हैं।

बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पहले मिट्टी घोटाला, फिर मॉल निर्माण घोटाला सहित लालू प्रसाद यादव की बेटी और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती पर भी देश की राजधानी दिल्ली में करोड़ों रुपये कीमत की ज़मीन को कौड़ियों के भाव खरीदने का आरोप लगाया था।

बेटी मीसा पर सस्ती जमीन खरीदने का आरोप 

सुशील मोदी ने लालू प्रसाद की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती पर करोड़ी की जमीन कौड़ियों के भाव खरीदने का आरोप लगाया है। सुशील का दावा है कि मीसा ने अपने पति शैलेश कुमार के साथ मिलकर मुखौटा कंपनियों के जरिये जमीन खरीदीं।

मिट्टी घोटाला करने का आरोप

सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद यादव के परिवार पर मिट्टी घोटाले का भी आरोप लगाया है। आरोपों के मुताबिक राजधानी पटना में बिहार का सबसे बड़ा मॉल बनाया जा रहा है और इस मॉल का मालिकाना डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के पास है।

बेटे-बेटी को कंपनी का डायरेक्टर बनाने का आरोप

इस कंपनी में आरजेडी अध्यक्ष के लालू प्रसाद के बड़े बेटे और मंत्री तेजप्रताप यादव, छोटे बेटे और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और बेटी चंदा यादव डायरेक्टर हैं। आरोप है कि मॉल की मिट्टी को पर्यावरण एवं वन विभाग ने बिना टेंडर निकाले ही 90 लाख रुपए में खरीद लिया. बता दें कि लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव बिहार के पर्यावरण एवं वन मंत्री हैं।

दिल्ली में भी है तेजस्वी की संपत्ति 

सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव की दिल्ली में 115 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति होने का आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि आखिर क्यों मुंबई के 5 हीरा व्यापारियों ने बिना ब्याज के पांच करोड़ रुपये केबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को लोन दिया और क्यों कुछ सालों के बाद एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी कंपनी के सारे शेयर लालू के परिवार वालों के नाम कर दिए?

ये भी हैं आरोप...

-लालू के बेटों पर आरजेडी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह से तीन मंजिला घर गिफ्ट के रूप में लेना का आरोप है. आरोप है कि कांति सिंह ने 2005 में यूपीए-1 में मंत्री बनने के लिए ये बिल्डिंग लालू के परिवार को गिफ्ट की।

-ऐसा ही आरोप आरेजडी नेता रघुनाथ झा को मंत्री बनवाने के लिए लगा है. आरोप है कि यूपीए-1 में मंत्री बनवाने के एवज में रघुनाथ झा ने गोपालगंज में लालू यादव को जमीन और मकान गिफ्ट किया। इस प्रॉपर्टी की कीमत 15 करोड़ बताई गई।

-सुशील मोदी ने तेज प्रताप पर चुनावी हलफनामे में प्रॉपर्टी की जानकारी न देने का भी आरोप लगाया. सुशील के मुताबिक तेज प्रताप ने औरंगाबाद में 20 हजार स्क्वायर फीट जमीन 53 लाख रुपए में खरीदी। बाद में इस जमीन के नाम पर सवा दो करोड़ का बैंक लोन लिया।

चारा घोटाला-जिसकी गूंज देश ही नहीं, विदेशों तक पहुंची

चारा घोटाला एक बहुत बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला था जिसमें पशुओं को खिलाये जाने वाले चारे के नाम पर 950 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से फर्जीवाड़ा करके निकाल लिये गये।] सरकारी खजाने की इस चोरी में अन्य कई लोगों के अलावा बिहार के तत्कालीन मुख्यमन्त्री लालू प्रसाद यादव व पूर्व मुख्यमन्त्री जगन्नाथ मिश्र पर भी आरोप लगा था। इस घोटाले के कारण लालू यादव को मुख्यमन्त्री के पद से त्याग पत्र देना पड़ा था। 

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लोकसभा में प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया और सीबीआई जाँच की माँग की गयी। सत्तारुढ़ पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस व उसकी सहयोगी जनता दल जैसी दो-दो दिग्गज पार्टियों के नेताओं और नौकरशाही की मिलीभगत से की गयी सरकारी खजाने की इस चोरी की गूँज न सिर्फ़ भारत में बल्कि सात समुन्दर पार अमेरिका और ब्रिटेन में भी सुनायी दी जिससे भारत की राजनीति बदनाम हुई।

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हालांकि यह घोटाला 1996 में हुआ था लेकिन जैसे-जैसे जाँच हुई इसकी पर्तें खुलती गयीं और लालू यादव व जगन्नाथ मिश्र जैसे कई सफेदपोश नेता इसमें शामिल नजर आये। यह मामला लगभग दो दशक तक चला।

न्यायालय ने चारा घोटाले में लालू यादव को दोषी घोषित किया। उनकी लोकसभा की सदस्यता छीन ली गयी और ११ वर्ष तक कोई चुनाव लड़ने पर प्रतिबन्ध लगा दिय गया।

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Web Title:Fodder scam to soil scam know about scams related to lalu and family(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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