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लाइलाज है सदर अस्पताल में चिकित्सकों की लेट लतीफी

Publish Date:Wed, 22 Mar 2017 04:18 PM (IST) | Updated Date:Wed, 22 Mar 2017 04:18 PM (IST)
लाइलाज है सदर अस्पताल में चिकित्सकों की लेट लतीफीलाइलाज है सदर अस्पताल में चिकित्सकों की लेट लतीफी
कटिहार। दैनिक जागरण ऑन द स्पॉट रिपोर्टिंग के तहत बुधवार को शहर के सदर अस्पताल की

कटिहार। दैनिक जागरण ऑन द स्पॉट रिपोर्टिंग के तहत बुधवार को शहर के सदर अस्पताल की पड़ताल की गई। इसमें अस्पताल की कुव्यवस्था खुलकर सामने आई। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में चिकित्सकों की लेट लतीफी लाइलाज बीमारी बन चुकी है। खासकर बच्चों की चिकित्सा की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सदर अस्पताल में लाखों की लागत से एनएससीयू का निर्माण कराया गया है और अत्याधुनिक सुविधा से लैस किया गया है, लेकिन दक्ष चिकित्सकों की कमी के कारण इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। सदर अस्पताल की समस्या को लेकर जिलाधिकारी ने हाल ही में अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए थे। बुधवार को बिहार दिवस के अवसर पर अस्पताल में साफ-सफाई तो दुरूस्त रही लेकिन चिकित्सकों की देरी के कारण मरीज परेशान रहे।

समय 08:30 बजे

अस्पताल में ओपीडी का संचालन सुबह आठ बजे से किया जाना है। बुधवार को सभी ओपीडी कक्ष खुले थे। लेकिन चिकित्सक समय पर कक्ष नहीं पहुंचे थे।

समय 08:35 बजे

आपातकालीन कक्ष में चिकित्सक मौजूद थे। वे मरीजों का इलाज कर रहे थे। कक्ष के बाहर मरीजों की कतार लगी थी।

समय 08:40 बजे

आपातकालीन वाहृय विभाग खुला हुआ था। चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। मरीज चिकित्सक के इंतजार में खड़े थे। कर्मियों ने बताया कि चिकित्सक बिहार दिवस के कार्यक्रम में गए हैं। समय 08:45 बजे

अस्पताल परिसर में चलने वाला शिशु वाह्य विभाग में मरीजों की भीड़ लगी थी। कई लोग बच्चों के नियमित जांच को लेकर कतारबद्ध होकर चिकित्सक के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।

समय 08:50 बजे

पैथलोजी विभाग खुला हुआ था। वहां कर्मी मौजूद थे। लेकिन चिकित्सक के नहीं रहने के लिए किसी मरीज को जांच के लिए नहीं भेजा गया था।

समय 08:55

शल्य वाह्यं विभाग में चिकित्सक नहीं थे। वहां मरीजों की भीड़ लगी थी। मरीज करीब एक घंटे से चिकित्सक के इंतजार में खड़े थे।

समय 09:00

महिला बाह्य विभाग में चिकित्सक नहीं पहुंची थी। कर्मियों ने बताया कि वे आ चुकी है और उपस्थिति दर्ज करने गई हैं।

समय 09:05

बच्चों के लिए न्यू बोर्न बेबी केयर यूनिट खुला था। वहां तीन नर्स मौजूद मौजूद थी, लेकिन चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। कर्मियों ने बताया कि चिकित्सक कुछ देर में पहुंचेंगे। वार्ड एटेडेंट वार्ड में मौजूद था। भर्ती बच्चों की देखभाल नर्स कर रही थी।

अस्पताल में संसाधनों की कमी

अस्पताल परिसर में संसाधनों का घोर अभाव है। बच्चा वार्ड में समान्य मरीजों का भर्ती किया गया था। चादर के बिना ही मरीज बेड पर थे। इलाज कराने आई बैगना निवासी सोनी देवी ने बताया कि वह काफी देर से खड़ी है, लेकिन अब तक उन्हे भर्ती नहीं किया गया है। शिशु वार्ड में भर्ती रोजिना खातून, सबिरा खातून ने बताया कि वह अपना इलाज करवा रही है। ऐसे में उन्हें जहां महिला कक्ष में रहना चाहिए उन्हें शिशु कक्ष में भर्ती किया गया है। इलाज की भी समुचित व्यवस्था नहीं है।

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Web Title:hospital inspection(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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