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भोजपुर में जल संकट, संरक्षण को ले गैर जवाबदेही से बिगड़ रहे हालात

Publish Date:Tue, 21 Mar 2017 03:42 PM (IST) | Updated Date:Tue, 21 Mar 2017 06:45 PM (IST)
भोजपुर में जल संकट, संरक्षण को ले गैर जवाबदेही से बिगड़ रहे हालातभोजपुर में जल संकट, संरक्षण को ले गैर जवाबदेही से बिगड़ रहे हालात
बिहार के भाेजपुर में जल संकट के हालात बन रहे हैं। यहां जल संरक्षण को ले गैर जवाबदेही से स्थितियां बिगड़ती गई हैं। आइए देखते हैं समस्‍या के समाधान को ले आम लोगों की सोच।

भोजपुर [जेएनएन]। जल का अभाव जीवन के लिए संकट खड़ा करता है। जल सुरक्षित तो प्रकृति सुरक्षित और प्रकृति सुरक्षित तो जीवन सुरक्षित। अर्थात् जल को सुरक्षित-संरक्षित किये बिना जीवन की कल्पना बेमानी है। लेकिन, भोजपुर में जल संरक्षण को लेकर गैर जिम्‍मेदाराना रवैये के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है।

मुख्‍यत: भूगर्भीय जल के अत्यधिक दोहन व वर्षा जल के सीधे समुद्र में समा जाने के कारण जल का संकट खड़ा होता है। इसका खामियाजा पृथ्वी के समस्त प्राणियों को भुगतना पड़ता है। जल संरक्षण के प्रति गैर-जवाबदेही से स्थिति दिनोदिन बिगड़ती जा रही है। ऐसे में आखिर कैसे हो समस्‍या का समाधान? आइए जानते हैं आम लोगों की राय...

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आम लोगों की राय...

- हरवंश प्रसाद ने बताया कि जरूरत से ज्यादा पानी का जमीन के अंदर से दोहन नही करना चाहिए। हरेक गांव मे पोखर-जलाशय बनाकर वर्षा जल को सुरक्षित रखना चाहिए।

- रामाशंकर कहते हैं हर व्यक्ति को पानी का रख-रखाव अच्छे ढंग से करना चाहिए। पानी का दुरुपयोग नही करना चाहिए, क्योंकि यह सभी प्राणियों के जीवन का आधार है।

- अजय कुमार ने बताया कि हर गांव में पोखर होने चाहिए, जिनमे वर्षा का पानी रूक सके। बोरिंग से कम से कम पानी खींचने वाली व्यवस्था के तहत स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम का उपयोग करना चाहिए।

- सुशीला देवी के अनुसार आरा-केशोपुर गांगी नदी के पानी को गंगा नदी मे गिरने से रोककर एवं उस पानी का उपयोग नहर निकालकर सिंचाई हेतु करने से जल संरक्षण हो सकता है। एक तो गांगी नदी का पानी गंगा नदी के रास्ते समुद्र में पहुंच कर बेकार होने से रोका जा सकता है, दूसरा इस पानी का उपयोग सिंचाई में होने से बोरिंग द्वारा भूगर्भीय जल के दोहन पर रोक भी लगेगा।

- सरोज प्रसाद ने बताया कि निर्धारित भू-भाग पर वृक्षारोपण कर, नदियों के जल से नहर के द्वारा सिंचाई व्यवस्था विकसित कर व जलाशयों के अधिकाधिक निर्माण से जल के संतुलन को बनाया जा सकता है।

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Web Title:Irresponsible behivour worshened the situation of water crisis in Bhojpur(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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